कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि, राज्य में कृषि सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं किसानोन्मुखी बनाने की दिशा में बिहार सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कृषि विभाग, बिहार के अधीन बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-05 (पौधा संरक्षण) संवर्ग के अंतर्गत पदों के पुनर्गठन एवं अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) से प्राप्त हो गई है।
राम कृपाल यादव ने बताया कि, इस निर्णय के तहत् बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-05 (पौधा संरक्षण) संवर्ग अन्तर्गत पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक 194 पद एवं पौधा संरक्षण निरीक्षक के 99 पद अर्थात कुल 293 अतिरिक्त पदों का सृजन कर पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक के कुल 534 पद एवं पौधा संरक्षण निरीक्षक के कुल 160 पद अर्थात कुल 694 पदों के पुनर्गठन /सृजन की स्वीकृति दी गई है।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह निर्णय राज्य के किसानों के हित में एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी कदम है। पौधा संरक्षण सेवाओं के सुदृढ़ होने से कीट-रोग प्रबंधन, फसल सुरक्षा, उत्पादन लागत में कमी तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके माध्यम से किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने आगे कहा कि, बदलते जलवायु परिदृश्य एवं कीट-रोगों की बढ़ती चुनौतियों के बीच पौधा संरक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। नई नियुक्तियों एवं पदों के सृजन से जिला एवं प्रखंड स्तर पर विभागीय कार्यों की गति तेज होगी तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
राम कृपाल यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि, टिकाऊ कृषि, आधुनिक तकनीकों के प्रसार एवं कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पौधा संरक्षण संवर्ग के सुदृढ़ीकरण से न केवल कृषि व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। अंत में उन्होंने कहा कि बिहार सरकार आत्मनिर्भर किसान एवं समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने हेतु कृषि क्षेत्र में आवश्यक संरचनात्मक सुधार एवं मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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