रवि रायकवार, दतिया। देश के शक्तिशाली पीठों में एक पीतांबरा पीठ पर मध्यप्रदेश शासन नियंत्रण करने की तैयारी में हैं l जिला प्रशासन ने संयुक्त कलेक्टर सहित 5 लोगों की समिति गठित कर दी हैl जो मंदिर पर निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी l

माना जा रहा है कि भाजपा की कद्दावर नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वाली अध्यक्षता वाले पीतांबरा पीठ पर शासन लगाम लगाने की कोशिश कर रहा हैl जिला प्रशासन ने संयुक्त कलेक्टर सहित 5 लोगों की एक समिति गठित कर दी है, जो मंदिर पर निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्थाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी l 

दरअसल पिछले दिनों मंदिर पर चल रहे विकास कार्यों के दौरान यहाँ 8 पिलर गिर गए थे। ये रास्ता काफी समय से बंद था इसलिए कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। इसके अलावा यह भी पाया गया कि मंदिर से जुड़े लोग अव्यवस्था फैलाते हैं। बिना लाइन के अपने लोगों को दर्शन करवाने लगते हैं l इस बहाने प्रशासन को मौका मिल गया और उन्होंने एक समिति गठित कर दीl हालांकि, इससे पीतांबरा पीठ से जुड़े लोगों में नाराजगी है l

कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि शासन-प्रशासन का ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप कोई इरादा नहीं है। प्रशासन तो सिर्फ इतना देखेगा कि वहां जो भी कार्य हों, वह गुणवत्ता वाले हों और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए जो व्यवस्था बने वह दुरुस्त रहें l अगर मंदिर के लोग समिति में शामिल होना चाहें तो हम उन्हें भी समिति में शामिल करने कोई तैयार हैं l 

कानून के जानकार एड. अशोक सिजरीया ने भी प्रशासन के समिति बनाने के कदम को नियम विरुद्ध बताया हैl उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने माई की अनुमति के बिना हस्तक्षेप किया है। उन्हें इस तरह दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए थी। इसका परिणाम उन्हें देखने को मिला है जहां तारा देवी गृह बिना माई की अनुमति के बनाई है वह धराशायी हो गई है। माई ने एक बार फिर ज्यादा चकाचौंध न करने के संकेत दिए हैं। 

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