अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। कोर्ट द्वारा जारी आदेश के अवमानना से जुड़े एक मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए जिला जज चतुर्थ अनिल कुमार की अदालत ने जिलाधिकारी रोहतास के कार्यालय को अटैच करने का आदेश जारी किया है। उक्त मामला साल 2003 में दाखिल दावा वाद 113/2003 से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने मामले के आवेदक के पक्ष में ओरिएंटल इंश्योरेंस, सासाराम को 343000 रुपए देने का आदेश जारी किया था।
वही कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी पहले आवेदक को निर्णीत शुल्क अदा करके चाहे तो वाहन स्वामी से वसूली कर सकता है, जिसके बाद बीमा कंपनी के द्वारा साल 2014 में वाहन मालिक के खिलाफ इजराय वाद 01/2014 दाखिल किया गया था। उक्त इजराय वाद में वाहन स्वामी द्वारा पिछले 11 वर्षों से आवेदक को निर्णीत राशि देने में आनाकानी की जा रही थी, जिसमें कोर्ट ने जिलाधिकारी रोहतास को इस मामले में कंपनी से निर्णीत राशि वसूलने के संबंध में रिपोर्ट मांगा था।
उक्त आदेश के आलोक में कोर्ट ने जिलाधिकारी, रोहतास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में शिथिलता बरतने को देखते हुए उनके खिलाफ पूर्व में दस हजार रुपए स्थगन शुल्क तत्काल कोर्ट नजारत में जमा करने आदेश भी जारी किया था।जिलाधिकारी रोहतास द्वारा कोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन नहीं करने पर कोर्ट ने जिलाधिकारी पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जिलाधिकारी कोर्ट के साथ ‘ Hide and seek’ का खेल खेल रही हैं।
पूर्व के आदेशों में पर्याप्त समय देने के बावजूद भी जिलाधिकारी द्वारा कोर्ट के लगाएं स्थगन शुल्क दस हजार रुपए को भी जमा नहीं किया गया है। अपने आदेश में कोर्ट ने जिलाधिकारी के कार्यालय को तब तक अटैच करने का आदेश दिया है जब तक की जिलाधिकारी द्वारा स्थगन शुल्क एवं न्यायालय द्वारा निर्णीत राशि का भुगतान नहीं कराया जाता है।
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