अमेरिका ने एक बहुत बड़ा और अहम फैसला लेते हुए 75 देश के नागरिकों के लिए सभी तरह के वीजा प्रोसेसिंग को बंद करने की घोषणा की है। ये फैसला “आवेदकों की कड़ी जांच” के हिस्से के तौर पर लिया गया है और ये 21 जनवरी से लागू होगा और अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगा। स्टेट डिपार्टमेंट के एक मेमोरेंडम के आधार पर, अधिकारियों को मौजूदा कानून के अनुसार वीजा देने से मना करना होगा और साथ ही आवेदकों की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के तरीकों की समीक्षा और फिर से जांच करनी होगी। अमेरिका ने जिन 75 देश के नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर रोक लगाने की घोषणा की है.
अमेरिका ने बुधवार (14 जनवरी 2025) को 75 देशों से आने वाले आवेदकों के वीजा प्रोसेसिंग को पूरी तरह रोक दिया. ट्रंप प्रशासन के इस कदम के पीछे का वजह उन आवेदकों पर कड़ी नजर बनाए रखना है, जिन्हें अमेरिका में पब्लिक चार्ज (सरकारी सहायता पर निर्भर) बन जाने की संभावना मानी जा रही है.
इस ज्ञापन में अमेरिकी दूतावासों को मौजूदा कानून के तहत वीजा देने से इनकार करने का निर्देश दिया गया है. अमेरिका का विभाग अब वीजा स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन करेगा. ट्रंप प्रशासन ने जिन देशों पर रोक लगाई है उसमें ईरान, रूस, अफगानिस्तान, इराक, नाइजीरिया और ब्राजील जैसे नाम शामिल हैं. ये पाबंदियां 21 जनवरी से लागू होगा और अनिश्चित काल तक लागू रहेगा.
मीडिया न्यूज के अनुसार, इस ज्ञापन में अमेरिकी दूतावासों को मौजूदा कानून के तहत वीजा देने से इनकार करने का निर्देश दिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पिछले साल जनवरी में पदभार संभालने के बाद से चलाए जा रहे व्यापक इमिग्रेशन कैंपेन अभियान के बीच आया है. अमेरिका का विभाग अब वीजा स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन करेगा.
अफगानिस्तान, अल्बानिया, अल्जीरिया, एंटीगुआ और बारबुडा, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहामास, बांग्लादेश, बारबाडोस, बेलारूस, बेलीज, भूटान, बोस्निया, ब्राजील, बर्मा, कंबोडिया, कैमरून, केप वर्डे, कोलंबिया, कोटे डी आइवर, क्यूबा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, डोमिनिका, मिस्र, इरिट्रिया, इथियोपिया, फिजी, गाम्बिया, जॉर्जिया, घाना, ग्रेनाडा, ग्वाटेमाला, गिनी, हैती, ईरान, इराक, जमैका, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, लाइबेरिया, लीबिया, मैसेडोनिया, मोल्दोवा, मंगोलिया, मोंटेनेग्रो, मोरक्को, नेपाल, निकारागुआ, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कांगो गणराज्य, रूस, रवांडा, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लुसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स, सेनेगल, सिएरा लियोन, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, तंजानिया, थाईलैंड, टोगो, ट्यूनीशिया, युगांडा, उरुग्वे, उज्बेकिस्तान और यमन
बताते चलें कि मिनेसोटा में हुए एक बड़े फ्रॉड के बाद से सोमालिया के नागरिकों पर अमेरिका की पैनी नजर है। दरअसल, मिनेसोटा में टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाले कई कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर फ्रॉड पकड़ा गया और इस फ्रॉड शामिल कई लोग सोमालिया के नागरिक थे या सोमाली-अमेरिकन थे।
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