राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हनी ट्रैप, फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर कॉल पर ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया है। 15 लाख की वसूली से परेशान युवक ने आत्महत्या कर ली। युवती और उसके चाचा पर धमकाने का आरोप है। मोबाइल में मैसेज और कॉल रिकॉर्ड मिले है। नगर निगम कर्मचारी मृतक सुल्तान सात महीने से गुमसुम था। एक युवती ने विवाहित नगर निगम कर्मचारी को प्रेम जाल में फंसाया। मामले में कोलार पुलिस ने केस दर्ज किया है।

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डेढ़ साल में 15 लाख रुपए दे चुका था

दरअसल 30 वर्षीय सुल्तान ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। सुल्तान को नेहा नाम की युवती और उसका चाचा धमका रहा था। चाचा खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर धमका रहा था। गलत मामलों में फंसाने और बदनाम करने की धमकी देकर पैसों की मांग करते थे। डेढ़ साल में सुल्तान उनसे लगभग 15 लाख रुपए दे चुका था, इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी। जब फोन नहीं उठता तो दोनों मैसेज भेजकर गाली देते थे। मौत से पहले भाई को आपबीती बताई थी। सुल्तान ने सल्फास की गोली खा ली और गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब उसने पूरी बात बताई थी।

युवती और उसके चाचा की भूमिका की जांच

परिजनों ने सुल्तान के मोबाइल की जांच की तो उसमें ब्लैकमेलिंग से जुड़े कई स्क्रीनशॉट, मैसेज और कॉल रिकॉर्ड मिले।
यह सभी सबूत पुलिस ने जब्त किए। मोबाइल में फर्जी इंस्पेक्टर के नाम से किए गए अश्लील और धमकी भरे मैसेज भी मिले।मोबाइल कॉल लॉग में करीब 161 मिस कॉल भी दर्ज है। मृतक ने अपने दोनों बच्चों से भी दूरी बना ली थी। पुलिस युवती नेहा और उसके चाचा की भूमिका की जांच कर रही है।

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