दिल्ली के कालकाजी इलाके में जामा मस्जिद और नंदनगरी स्थित मस्जिद पर सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को ही फटकार लगाई। दिल्ली हाई कोर्ट(Delhi High Court) इस याचिका पर अगली सुनवाई 21 जनवरी को करेगा। फिलहाल सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कोई आदेश पारित नहीं किया। इस दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि कोर्ट के प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल न किया जाए, साथ ही प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि, “आप हर दूसरे दिन ऐसी याचिकाएं दाखिल कर रहे हैं। कोर्ट के प्लेटफॉर्म का ऐसा गलत इस्तेमाल न करें।” कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता को समाज में अतिक्रमण केवल एक ही समस्या के रूप में दिखाई दे रही है, जबकि मामलों की जटिलता और व्यापकता को ध्यान में रखना जरूरी है।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से क्या कहा?
दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि, “आपको समाज में कोई दूसरी समस्या नजर नहीं आती। पीने के पानी जैसी तमाम दिक्कतें हैं, जिनके लिए आप कोर्ट नहीं आते।” कोर्ट ने आगे जोर देकर कहा कि हमें कोर्ट के प्लेटफॉर्म के ऐसे गलत इस्तेमाल को रोकना होगा, ताकि न्यायिक संसाधनों का उचित और सार्थक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कालकाजी और नंदनगरी इलाके की मस्जिदों के मामलों में अभी तक कोई आदेश पारित नहीं किया और ना ही नोटिस जारी किया। फिलहाल कोर्ट ने केवल याचिकाकर्ता को फटकार लगाई। अब इस मामले की सुनवाई 21 जनवरी के लिए टाल दी गई है। याचिका में यह मांग की गई है कि कोर्ट PWD, DDA और MCD को निर्देश दे कि वे मस्जिदों के पास के क्षेत्र का तत्काल सर्वे और सीमांकन करें, साथ ही सरकारी भूमि पर हुए सभी अवैध कब्जे और निर्माण हटवाए जाएं।
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