दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मां नर्मदा में बीते कई वर्षों से नाला मिल रहा है, जिसे बंद नहीं कराया जा सका। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंच से इसे बंद करने की घोषणा कर चुके है, लेकिन अभी तक नाले को नर्मदा में मिलना बंद नही किया गया है। राज्यसभा की बीजेपी सांसद माया नारोलिया ने इसे ‘शर्म की बात’ कहा है।

घाट पर सफाई करने पहुचीं राज्यसभा सांसद माया नारोलिया से इसे लेकर कई सवाल पूछे गए। माया नारोलिया भी नगरपालिका अध्यक्ष रही है, कई सालों से नाला मां नर्मदा में मिल रहा है, इसे कैसे बंद कर सकेंगे ? साथ ही इस नाले के मुद्दे को आप संसद भवन में क्या उठाएंगी ? इन सवालों पर राज्यसभा सांसद ने कहा कि नर्मदा जयंती नजदीक है और यह जो नाला है विगत कई वर्षों से मां नर्मदा में मिल रहा है। यह बड़ी ही शर्म की बात है।

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राज्यसभा में उठेगा मुद्दा

बीजेपी नेत्री माया नारोलिया ने कहा कि हम मां नर्मदा को पूजते हैं, लेकिन इस नाले से शहर का गंदा पानी जो नर्मदा में मिल रहा है, वह शर्म की बात है। इसलिए लोगों से निवेदन है कि मां नर्मदा में स्नान करने के समय शैंपू या साबुन का इस्तेमाल न करें। जिससे की मां नर्मदा गंदी न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को संसद में उठाऊंगी जिससे यह नाला बंद हो। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश यही है कि इस साल हम इस नाले को पूर्णता बंद करा देंगे।

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25 जनवरी को नर्मदा जयंती समारोह

आपको बता दें कि नर्मदा जयंती समारोह 25 जनवरी को मनाई जाएगी। इसे लेकर प्रसिद्ध सेठानी घाट के साथ शहर के अन्य घाटों पर भी तैयारी चल रही है। नर्मदा जयंती समारोह में हर वर्ष शहर के साथ कई जिलों से लोग पहुंचे है। यह समारोह नर्मदापुरम में हर साल बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल होते है, साथ ही कई योजनाएं शुरू की जाती है।

क्या है आचमन ?

पूजा पाठ या यज्ञ यानी धार्मिक अनुष्ठानों से पहले शुद्धिकरण के लिए मंत्रों का जाप किया जाता है। हाथ में थोड़ा सा पवित्र जल लेकर पिया जाता है। इससे शरीर-मन और आत्मा की शुद्धि होती है। साथ आंतरिक ऊर्जा प्राप्त होती है। यह प्रक्रिया सनातन धर्म में महत्वपूर्ण है, जो व्यक्ति को पूजा के लिए तैयार करती है और आध्यात्मिक रूप से पवित्र बनाती है।

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