जगदलपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश में नक्सली गतिविधियों को फिर से जीवित करने की एक गंभीर साजिश का भंडाफोड़ किया है. NIA ने नक्सलियों के नॉर्थन रीजन ब्यूरो (NRB) को फिर से सक्रिय करने के मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि कैसे माओवादी संगठन उत्तर भारत के राज्यों में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहे थे.


हरियाणा से गिरफ्तार हुआ था मुख्य साजिशकर्ता
इस साजिश का मुख्य चेहरा प्रियांशु कश्यप बताया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के बस्तर (दरभा) का रहने वाला है. प्रियांशु को ‘राकेश’ और ‘निलेश’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता था. NIA ने उसे पिछले साल जुलाई में हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया गया था.
दिल्ली बना था साजिश का केंद्र
NIA की जांच में सामने आया है कि प्रियांशु कश्यप को दिल्ली में नक्सली संगठन के ‘आउटफिट एरिया सेल’ का प्रभारी बनाया गया था. उसकी जिम्मेदारी बेहद अहम और खतरनाक थी:
- NRB को खड़ा करना: पुराने माओवादी नेताओं, कैडरों और समर्थकों को फिर से एकजुट करना.
- नेटवर्क का विस्तार: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में नक्सलियों का जाल फैलाना.
- ग्राउंड वर्क: जमीन पर काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के जरिए युवाओं को संगठन से जोड़ना.
इन 6 राज्यों पर थी नक्सलियों की नजर
नक्सलियों का प्लान ‘नॉर्थन रीजन ब्यूरो’ के जरिए उत्तर भारत के छह प्रमुख राज्यों में अपनी पैठ बनाना था:
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- पंजाब
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
NIA के मुताबिक, इस चार्जशीट के जरिए माओवादी नेटवर्क की परतों को खोला जा रहा है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क को फंडिंग कहां से मिल रही थी और प्रियांशु के साथ और कौन-कौन से सफेदपोश लोग जुड़े हुए थे.
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