औरंगाबाद। जिले के सात प्रखंडों में प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रत्येक प्रखंड में लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक भवन बनाए जाएंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीणों को एक ही परिसर में सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।

विभागीय स्तर पर शुरू हुई प्रक्रिया

ग्रामीण विकास विभाग ने भवन निर्माण विभाग को इन कार्यालयों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है। विभागीय सचिव ने जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर वर्तमान प्रखंड कार्यालय भवनों से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर विभाग को उपलब्ध करा दी गई है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में शुरू हो सकता है निर्माण

प्रशासन को उम्मीद है कि चालू वित्तीय वर्ष में ही इन भवनों के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी जाएगी। जिन प्रखंडों में नए प्रखंड सह अंचल कार्यालय प्रस्तावित हैं, उनमें गोह, मदनपुर, ओबरा, नवीनगर, हसपुरा, औरंगाबाद सदर और दाउदनगर शामिल हैं। हालांकि दाउदनगर में नए निर्माण के बजाय मरम्मत की संभावना जताई गई है।

जर्जर भवन बने बड़ी समस्या

जिले के कई प्रखंडों में वर्तमान कार्यालय भवन बेहद जर्जर स्थिति में हैं। छत से पानी टपकने, दीवारों में दरारें और ढलाई गिरने से दस्तावेजों के नष्ट होने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इससे अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण सभी परेशान हैं।

ओबरा में सबसे गंभीर स्थिति

ओबरा प्रखंड में अब तक अलग प्रखंड व अंचल कार्यालय भवन नहीं है। अंचल कार्यालय पशुपालन विभाग के भवन में और प्रखंड कार्यालय ग्राम स्वराज भवन में संचालित हो रहा है, जिससे कामकाज में काफी दिक्कत होती है।

आईटी सेंटर मॉडल पर होगा निर्माण

कुटुंबा और रफीगंज प्रखंड की तर्ज पर नए भवनों का निर्माण तीन मंजिला (जी+2) सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र मॉडल पर किया जाएगा। एक ही परिसर में सभी विभागों के कार्यालय होने से आम जनता को बड़ी सुविधा मिलेगी।