नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने बुधवार को कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी और उसकी दो साथियों, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को एजेंसी द्वारा दर्ज एक आतंकी मामले में दोषी ठहराया. अंद्राबी महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की कथित प्रमुख है.

अंद्राबी को 2018 में गिरफ्तार किया गया था. NIA ने उसके खिलाफ राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने, समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी साजिश से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए थे.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने अंद्राबी और सह-आरोपियों को दोषी ठहराया. कोर्ट 17 जनवरी को सजा पर दलीलें सुनेगा. मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में ASJ सिंह ने की थी, और फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. इसके बाद, उसे कड़कड़डूमा कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया.

आरोपों का विवरण

21 दिसंबर, 2020 को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने सोमवार को कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी और उसकी दो साथियों के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, देशद्रोह और देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप तय करने का आदेश दिया.

ASJ परवीन सिंह ने दुख्तरान-ए-मिल्लत (DEM) की संस्थापक अंद्राबी और उसकी दो साथियों – सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, देशद्रोह और देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप तय करने का आदेश दिया था.

कोर्ट ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120B, धारा 121, 121A, धारा 124 A, धारा 153 B और 505 और अन्य और IPC के विभिन्न प्रावधानों और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था.

दुख्तरान-ए-मिल्लत के बारे में

अंद्राबी दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक नेता है. यह ग्रुप कथित तौर पर कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन ‘ऑल पार्टीज़ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ का हिस्सा है, और भारत सरकार ने इसे “प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन” घोषित किया है.

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की पहली अनुसूची के तहत प्रतिबंधित संगठन DEM पर आरोप है कि वह पाकिस्तान स्थित विभिन्न आतंकवादी संगठनों की मदद से कश्मीर की आम जनता को भारत सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाकर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था.

NIA की चार्जशीट के अनुसार, आसिया और दो अन्य आरोपियों पर आरोप है कि वे भारत के खिलाफ “विद्रोह भड़काने वाले आरोप और नफरत भरे संदेश और भाषण” फैलाने के लिए ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब और टीवी चैनलों, जिसमें पाकिस्तान के चैनल भी शामिल हैं, जैसे विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे.

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