मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई. जिसमें मुख्य रूप से उपनल कर्मचारी को लेकर कैबिनेट ने उनके हक में फैसला लिया है. इस बैठक में समान कार्य समान वेतन पर सहमति बनी है, जिसका लाभ कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा.
जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के तहत 10 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का फायदा मिलेगा. करीब 7 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे. वहीं अब से सिर्फ भूतपूर्व सैनिकों के परिजनों को ही उपनल में नौकरी मिलेगी.
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दरअसल, साल 2018 में उपनल कर्मियों को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल कर्मियों को नियमितीकरण करने का आदेश दिया था. हालांकि उत्तराखंड हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार, सुप्रीम कोर्ट चली गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार को कोई राहत नहीं मिली. मतलब सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार की याचिका खारिज हो गई थी. इस मामले को लेकर उपनल कर्मचारी सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका भी लगा चुके हैं, तभी से सरकार पर कोई ना कोई निर्णय लेने का दबाव था. जो कि अब सामने आ चुका है.
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