जगदलपुर। जगदलपुर के संजय मार्केट में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी राहत दिलाई है. यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं, बल्कि शौक और गलत संगत में फंसे युवाओं की मानसिकता को भी उजागर करता है.
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8 जनवरी को दुकान संचालक शिवराम यादव के बाहर रहने का फायदा उठाकर आरोपियों ने दुकान का ताला तोड़ा. 60 हजार नकद और सिक्कों समेत कुल 63 हजार रुपये पर हाथ साफ किया गया. घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें तीन युवक साफ नजर आए. पहचान के बाद त्रिलोचन कश्यप, इरफान सिद्दीकी और कुशल नायडू को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की रकम से कपड़े, जूते और म्यूजिक सिस्टम खरीदने की बात कबूल की.

पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 हजार नकद और खरीदा गया सामान जब्त किया. तीनों को मीडिया के सामने पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में निगरानी और गश्त और सख्त की जाएगी.
जांच में देरी के बीच बंट गया सड़ा चावल
दंतेवाड़ा। गीदम वेयरहाउस में रखे सड़े चावल का मामला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है. राज्य स्तरीय गुणवत्ता जांच टीम को दोबारा गीदम आना पड़ा, क्योंकि पहली जांच अधूरी रह गई थी. इस बार टीम ने 18 स्टेक से चावल के सैंपल लेकर सेंट्रल लैब भेजे हैं. प्रारंभिक निरीक्षण में चावल की हालत बेहद खराब और संदिग्ध पाई गई. वेयरहाउस में मौजूद 61 हजार बोरे चावल में कीड़े और दुर्गंध फैली हुई है. सभी छह बैरकों में रखा चावल खराब होने की पुष्टि की गई है.
चिंता की बात यह है कि खराब गुणवत्ता का चावल पहले ही 10 हजार क्विंटल से अधिक पीडीएस दुकानों तक पहुंच चुका है. दंतेवाड़ा और गीदम की कई राशन दुकानों में यह चावल बांटा जा चुका है. लंबे समय से नमी और खराब भंडारण ने हालात और बिगाड़ दिए. अब जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.
राजनीतिक रसूख बनाम कानून, थाने तक पहुंचा विवाद
दंतेवाड़ा। गीदम में दुकान किराया विवाद अब सियासी टकराव में बदलता नजर आ रहा है. पहले सराफा व्यापारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता पर मारपीट का आरोप लगाया. इसके बाद भाजपा समर्थकों ने नेशनल हाईवे पर दो घंटे तक चक्का जाम किया.
हालांकि, इस चक्काजाम में किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई. जाम खुलते ही एक अन्य सोनी परिवार ने नगर पंचायत अध्यक्ष शीतल सुराना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. आरोप है कि थाने में ही गाली-गलौच और धमकी दी गई.
मामले में शीतल सुराना सहित अन्य भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज हुई है. कांग्रेस ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए सरकार और पुलिस पर हमला बोला. जिला कांग्रेस ने व्यापारियों और पत्रकारों से मारपीट का आरोप लगाया..पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष रूप से जारी है.
मोबाइल की एक गलती, जिंदगी भर की सजा
कोंडागांव। रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत एक नाबालिग की जिंदगी पर भारी पड़ गई. मामले में कोंडागांव की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी दुलबो बघेल ने पहले दोस्ती की और फिर भरोसा तोड़ा.
मेला देखने के बहाने पीड़िता को बुलाकर अलग-अलग गांवों में ले जाया गया. लगभग एक महीने तक आरोपी ने कई स्थानों पर दुष्कर्म किया. कोर्ट ने पीड़िता की जन्मतिथि के आधार पर उसे नाबालिग माना. सभी सबूत और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया. कोर्ट ने कड़ा संदेश देते हुए कठोर सजा सुनाई. यह फैसला समाज में अपराध के खिलाफ चेतावनी माना जा रहा है. पुलिस और अभियोजन की भूमिका को भी सराहा गया है.
युवा संसद से लोकतंत्र की पाठशाला
बस्तर। जगदलपुर में संभाग स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में युवाओं ने संसद की कार्यवाही का जीवंत मंचन किया. मुख्य अतिथि सांसद महेश कश्यप ने युवाओं के प्रदर्शन की जमकर सराहना की.
उन्होंने कहा कि मंचन देखकर संसद भवन का अनुभव हुआ. कार्यवाही में प्रश्नकाल, बहस और निर्णय प्रक्रिया को बखूबी निभाया गया. सांसद ने भारतीय संसद को लोकतंत्र की आत्मा बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं. बस्तर के युवाओं में अपार प्रतिभा होने की बात कही गई. कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे. युवा संसद को भविष्य की लोकतांत्रिक नींव बताया गया.
अधूरी सड़क, थमी बसें और बढ़ता जनआक्रोश
नारायणपुर। नारायणपुर-कोंडागांव मुख्य मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. बेनूर बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया. ग्रामीणों का कहना है कि सात महीनों से सड़क निर्माण अधूरा है. धूल, गड्ढे और फिसलन से रोज हादसों का खतरा बना हुआ है. बस सेवा बंद होने से छात्र और कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
ग्रामीणों को महंगे निजी साधनों से सफर करना पड़ रहा है. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण में तेजी का आश्वासन दिया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा. दुकानदारों का व्यापार भी धूल के कारण प्रभावित हो रहा है.
अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
मजदूरी की मजबूरी और सड़क हादसे की कीमत
सुकमा। कोंटा थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. तेज रफ्तार टैंकर ने सड़क किनारे खड़ी पिकअप को टक्कर मार दी. हादसे में मिर्ची तोड़ने जा रहे 18 ग्रामीणों में से 11 घायल हो गए. घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें जगदलपुर रेफर किया गया.
ग्रामीण आंध्र प्रदेश मजदूरी के लिए जा रहे थे. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने टैंकर चालक पर लापरवाही का मामला दर्ज किया. यह हादसा स्थानीय रोजगार की कमी की कड़वी सच्चाई भी उजागर करता है.
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