पश्चिम चंपारण। बिहार के पश्चिमी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की भव्य स्थापना की जाएगी। इसे लेकर मंदिर समिति द्वारा जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। शिवलिंग की स्थापना के लिए राजस्थान और भोपाल से 750-750 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेन मंगाई गई हैं। इन क्रेनों से आज ट्रायल रन किया जाएगा। पूरे तकनीकी कार्य की मॉनिटरिंग टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा की जाएगी।

18 फीट लंबी विशेष माला होगी अर्पित

शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए 18 फीट लंबी विशेष माला तैयार की जा रही है, जिसमें फूलों के साथ भांग, धतूरा और बेलपत्र शामिल होंगे। पूजा के लिए कंबोडिया और कोलकाता से फूल मंगाए गए हैं, जिनमें गुलाब, गेंदा और गुलदाउदी प्रमुख हैं।

देशभर के प्रतिष्ठित पंडित होंगे शामिल

पूजा-अनुष्ठान में अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, महावीर मंदिर पटना सहित गुजरात, हरिद्वार और महाराष्ट्र से आए पंडित शामिल होंगे। सुबह 8 से 10:30 बजे तक पीठ पूजन, हवन और सहस्त्रलिंगम की स्थापना होगी।

8 पवित्र स्थलों के जल से होगा अभिषेक

शिवलिंग का अभिषेक कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगासागर, सोनपुर और रामेश्वरम सहित कई पवित्र नदियों के जल से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री समेत कई वीआईपी रहेंगे मौजूद

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित कई मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहेंगे।