बेतिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज से पश्चिम चंपारण के बेतिया से अपनी बहुप्रचारित ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत की। बड़े रमना मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने 2005 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि उस दौर में बिहार भय और अव्यवस्था के साये में था।

2005 से पहले हालात बदतर थे: नीतीश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, पढ़ाई और इलाज की सुविधाएं बेहद कमजोर थीं। सड़कों और बिजली की हालत भी खराब थी। उन्होंने दावा किया कि 2005 के बाद NDA सरकार ने कानून का राज स्थापित किया और हर क्षेत्र में सुधार किया।

रोजगार को लेकर बड़ा दावा

नीतीश कुमार ने कहा कि 2020 में 10 लाख नौकरी देने का वादा किया गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा 40-50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। अब अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।

महिला सशक्तिकरण और जीविका की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए 50% पंचायत आरक्षण, सरकारी नौकरियों और पुलिस में 35% आरक्षण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जीविका समूहों से आज 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं जुड़ी हैं।

कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द

नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने कब्रिस्तानों और पुराने मंदिरों की घेराबंदी कराकर सांप्रदायिक विवादों को रोका और सभी समुदायों के लिए समान रूप से काम किया।

विजय सिन्हा रहे चर्चा में

बेतिया में मुख्यमंत्री ने 182 करोड़ रुपये की 161 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। इससे पहले कुमारबाग स्थित SEZ के निरीक्षण के दौरान डिप्टी CM विजय सिन्हा की गाड़ी को प्रवेश नहीं मिला, जिसके बाद वे दौड़ते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे।