सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16वीं बार बिहार यात्रा पर निकल चुके हैं। इस यात्रा को ‘समृद्धि यात्रा’ नाम दिया गया है। तय यात्रा के मुताबिक नीतीश कुमार कल शनिवार को मोतिहारी में आएंगे, जहां वे कई योजनाओं का शिलान्य और उद्घटान भी करेंगे।

‘विरासत की राजनीति करना चाहते हैं तेजस्वी’

इस दौरान नीतीश कुमार कई योजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जायजा लेने पहुंचे जदयू एमएलसी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि, कुछ लोगो विरासत की राजनीति करना चाहते हैं, जिसपर जनता का भरोसा नहीं है। लोगों को नितीश कुमार के काम पर भरोसा है। खालिद अनवर ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव का तो अब देश से बाहर ही मन लग रहा है।

बेतिया से शुरु हुई ‘समृद्धि यात्रा’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज से पश्चिम चंपारण के बेतिया से अपनी बहुप्रचारित ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत की। बड़े रमना मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने 2005 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि उस दौर में बिहार भय और अव्यवस्था के साये में था।

2005 से पहले हालात बदतर थे: नीतीश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, पढ़ाई और इलाज की सुविधाएं बेहद कमजोर थीं। सड़कों और बिजली की हालत भी खराब थी। उन्होंने दावा किया कि 2005 के बाद NDA सरकार ने कानून का राज स्थापित किया और हर क्षेत्र में सुधार किया।

रोजगार को लेकर बड़ा दावा

नीतीश कुमार ने कहा कि 2020 में 10 लाख नौकरी देने का वादा किया गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा 40-50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। अब अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।

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