पटना। बिहार की राजधानी पटना ने स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पटना को देशभर के 65 शहरों में 15वां स्थान मिला है। यह रैंकिंग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा की गई है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए पटना का चयन
मंत्रालय द्वारा जनवरी के अंत में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए पटना का चयन किया गया है। इस कार्यक्रम में उन शहरों के प्रयासों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिन्होंने सीवर और सेप्टिक टैंक में काम करने वाले सफाईकर्मियों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी है।
टॉप 20 शहरों में शामिल पटना
10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की टॉप-20 सूची में विशाखापट्टनम पहले स्थान पर है, जबकि बिहार से केवल पटना को इस श्रेणी में जगह मिली है। सूची में जबलपुर, भोपाल, रायपुर, गाजियाबाद, ग्वालियर, नवी मुंबई, सूरत, अहमदाबाद और इंदौर जैसे शहर भी शामिल हैं। वहीं झारखंड का धनबाद 11वें और पटना 15वें स्थान पर रहा। इसके बाद पुणे, राजकोट, नागपुर और जयपुर ग्रेटर का नाम है।
मशीनीकरण और सुरक्षा पर जोर
पटना नगर निगम के अनुसार, शहर में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा दिया गया है। सफाईकर्मियों को पीपीई किट, सुरक्षा उपकरण, नियमित प्रशिक्षण, स्वास्थ्य बीमा और वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। सीवर टैंक में उतरकर सफाई करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। मानसून के दौरान 604 कर्मियों को पीपीई किट प्रदान की गई थी।
ऑडियो-विजुअल के जरिए होगी प्रस्तुति
राष्ट्रीय कार्यक्रम में पटना सहित चयनित शहरों के कार्यों को ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति और दस्तावेजी संकलन के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसमें नियमावली, प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और मशीनी सफाई जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी।
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