बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए एस.एस. तिग्गा को दी गई पदोन्नति को निरस्त कर दिया है और अमित शांडिल्य को पुनः उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) जेल के पद पर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने यह आदेश सेवा नियमों के उल्लंघन को आधार मानते हुए दिया है.

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि डीआईजी जेल पद के लिए निर्धारित वरिष्ठता और पात्रता सूची में अमित शांडिल्य का नाम शीर्ष पर था. इसके बावजूद वरिष्ठता की अनदेखी कर एस.एस. तिग्गा को पदोन्नति दी गई थी. न्यायालय ने इसे नियमों के विपरीत करार दिया.

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया में न तो वरिष्ठता के सिद्धांतों का पालन किया गया और न ही निर्धारित सेवा नियमों को ध्यान में रखा गया, जो प्रशासनिक त्रुटि को दर्शाता है.

गौरतलब है कि मार्च 2023 में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान एस.एस. तिग्गा को डीआईजी जेल के पद पर पदोन्नति दी गई थी. इस निर्णय के खिलाफ अमित शांडिल्य ने विभाग में अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

वर्तमान में अमित शांडिल्य जेल मुख्यालय में पदस्थ हैं. कोर्ट के फैसले के बाद उनसे प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.