कुंदन कुमार/पटना। बिहार पुलिस अब तकनीक के सहारे अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को और मजबूत करने जा रही है। राज्य पुलिस को आधुनिक ड्रोन से लैस किया जाएगा, जिससे अपराधियों और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर आसमान से निगरानी रखी जा सकेगी। पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एडीजी सुधांशु कुमार ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि मार्च 2026 तक कुल 50 ड्रोन खरीदे जाएंगे। इनमें से हर जिले को कम से कम एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी उड़ान क्षमता करीब 45 मिनट होगी।

नदी क्षेत्रों के लिए एसटीएफ को विशेष ड्रोन

एडीजी ने बताया कि नदी और दियारा क्षेत्रों में निगरानी के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को 10 उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन दिए जाएंगे। इस परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसे 14 जनवरी को उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी मिल चुकी है।

मार्च के अंत तक पूरी होगी खरीद प्रक्रिया

उन्होंने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी योजना है और उम्मीद है कि मार्च के अंत तक ड्रोन की खरीद पूरी कर ली जाएगी। ड्रोन संचालन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

एएनपीआर सिस्टम से होगी ट्रैफिक निगरानी

ड्रोन ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम से लैस होंगे, जिससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान आसान होगी। फिलहाल पुलिस निजी एजेंसियों से ड्रोन किराए पर लेती है, लेकिन अब अपनी ड्रोन यूनिट बनाई जाएगी।

सीसीटीवी और डैशबोर्ड पर भी जोर

बिहार पुलिस के अनुसार थानों में सीसीटीवी और डैशबोर्ड लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 112.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न सरकारी भवनों में सीसीटीवी लगाने के लिए 23.58 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।