भागलपुर। किसानों के फार्मर रजिस्ट्रेशन (एफआर) और ई-केवाईसी की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस दिशा में 17 से 21 जनवरी तक सबौर प्रखंड की सभी पंचायतों में विशेष कैंप लगाकर किसानों का ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।
बैठक में बनी रणनीति
शुक्रवार को सबौर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बीडीओ प्रभात रंजन ने की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों के साथ-साथ अन्य सभी किसानों का भी ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
टीम और नोडल पदाधिकारी की तैनाती
बीडीओ ने बताया कि जिन किसानों के नाम स्वयं की जमाबंदी है, उनका फार्मर रजिस्ट्रेशन सीधे राजस्व कर्मचारी करेंगे। प्रत्येक तीन पंचायत पर एक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, हर पंचायत में तीन-तीन टीमों का गठन किया गया है, जिसमें किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, विकास मित्र, राजस्व कर्मचारी और सर्वे अमीन शामिल रहेंगे।
आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
सबौर प्रखंड में 6,172 किसान पीएम किसान योजना से जुड़े हैं। इनमें से 4,600 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि केवल करीब दो हजार किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन ही हो पाया है। इसे गंभीर मानते हुए प्रशासन ने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया है।
किसानों से अपील
प्रशासन ने किसानों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों में कैंप में पहुंचने की अपील की है। तय समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर योजनाओं के लाभ में बाधा आ सकती है।
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