कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तमिलनाडु के नेताओं के साथ एक लंबी बैठक की, जिसमें डीएमके के साथ गठबंधन की गतिशीलता को लेकर आंतरिक मुद्दों पर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि बैठक में आलाकमान ने अब सभी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि खरडे के अंतिम फैसले तक कोई भी बयानबाजी न की जाए.

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर ने अलग-अलग 39 नेताओं से मुलाकात की, जिसमें सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे.

इन बैठकों में नेताओं से उनकी राय मांगी गई. कई सांसदों और विधायकों ने कांग्रेस को गठबंधन में हाशिए पर धकेले जाने की शिकायत की और गठबंधन के अंदर पावर शेयरिंग पर स्पष्टता की मांग की. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में तमिलनाडु के नेता प्रवीण चक्रवर्ती को उनके बयानों के लिए हाईकमान द्वारा कड़ी फटकार लगाई गई, जो डीएमके और कांग्रेस के बीच तनाव पैदा कर रहे थे.

खड़गे लेंगे आखिरी फैसला

सूत्रों ने ये भी बताया कि करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में सभी नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक पार्टी अध्यक्ष खड़गे अंतिम फैसला नहीं ले लेते, तब तक वे मीडिया से बात न करें, कोई बयान जारी न करें या सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें.

तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि नेतृत्व ने नेताओं को गठबंधन संबंधी मामलों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा न करने की सलाह दी है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य इकाई गठबंधन पर एआईसीसी के निर्णय का पालन करेगी.

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