देहरादून. इंदिरा अम्मा कैंटीन बंद करने को लेकर हरीश रावत ने धामी सरकार पर हमला बोला है. कैंटीन बंद करने को लेकर कहा, हमारी कांग्रेस सरकार ने कुछ निश्चित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 400 इंदिरा अम्मा कैंटीन राज्य के सभी शहरीकृत आबादियों, जिनमें छोटे कस्बों से लेकर के बड़े नगर निगम आदि भी सब सम्मिलित हैं. वहां खोलने का फैसला लिया और इसमें हमने औद्योगिक क्षेत्रों को भी चिन्हित किया. प्रारंभिक आधार पर हमने 50 जगह चयनित कीं, जिनमें इंदिरा अम्मा कैंटीन प्रारंभ की गईं और उनका संचालन पूरी तरीके से महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया. स्थान उपलब्ध करवाना तथा कुछ अन्य सुविधाएँ हमने इंदिरा अम्मा कैंटीन के संचालकों को उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी में रखी, जिसमें सस्ते गल्लों की दुकानों से एक निश्चित मात्रा में राशन की उपलब्धता भी सम्मिलित थी.
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आगे हरीश रावत ने कहा, हमने इंदिरा अम्मा कैंटीनों में स्थानीय व्यंजनों को, जिनमें प्रायः सभी जैविक उत्पाद आधारित थे, उन्हें भरोसा जाता था. जैसे मडुवा, झंगोरे की खीर, गहत की दाल जैसे पौष्टिक स्थानीय व्यंजन, महिला स्वयं सहायता समूह का आर्थिक सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ व्यंजन के बाजार को पूरी तरीके से महिलाओं के हवाले करना सम्मिलित था. हमने इसके लाभार्थियों में सभी गिग वर्कर्स, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, निम्न-मध्यम आय वर्ग के लोग और उत्तराखंडी व्यंजनों के शौकीन, ये संभावित ग्राहक थे. पहले हमने 20 रुपए, बाद में शायद 25 निर्धारित किया था और लोगों में यह इंदिरा अम्मा कैंटीन और उसके व्यंजन काफ़ी लोकप्रिय हुए.
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हरीश रावत ने ये भी कहा कि अब शने-शने सरकार इनको बंद कर रही है और जिन ऑब्जेक्टिव को ध्यान में रखकर यह खोली गई थीं, उन ऑब्जेक्टिव के प्रेरणा स्रोत या पैरोकार कहिए इंदिरा गांधी से बेहतर और कौन-सा व्यक्तित्व हो सकता था, इसलिए उनके नाम पर यह कैंटीनें खोली गईं. इस सरकार को क्या पसंद नहीं आया, अब वह बंद हो रहे हैं, तो मैंने तय किया है कि मैं हर साल उत्तरायणी के बाद किसी ऐसे स्थान पर जहां इंदिरा अम्मा कैंटीन स्थापित थी, वहां एक दिन इंदिरा खिचड़ी बांटकर इंदिरा खिचड़ी के नाम से लोगों को खिचड़ी जैसे स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन के साथ जोड़ूंगा. मैं इसकी शुरुआत 20 जनवरी को दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच में दून अस्पताल, देहरादून के कंपाउंड में, जहां इंदिरा अम्मा कैंटीन खोली गई थी, जिसे बंद कर अब उसको रेगुलर कैंटीन में बदल दिया गया है, वहां खिचड़ी वितरित करूंगा.
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