अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। बिहार सरकार में आरएलएम सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश के मंत्री बनाए जाने के बाद से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के भीतर चल रही टूट की खबरों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। पिछले कुछ समय से लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के फैसले से पार्टी के विधायक असंतुष्ट हैं और खरमास के बाद पार्टी में बड़ी टूट हो सकती है। लेकिन अब आरएलएम विधायक आलोक सिंह ने इन कयासों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।

मीडिया की खबरों को बताया महज अफवाह

विधायक आलोक सिंह ने मीडिया में चल रही खबरों को महज अफवाह बताते हुए कहा कि चुनाव के बाद से हीं आरएलएम को लेकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कभी भी किसी विधायक ने पार्टी छोड़ने या पार्टी के फैसलों से नाराजगी को लेकर कोई बयान नहीं दिया, लेकिन फिर भी लगातार इस तरह की खबरें चलती रहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी जोड़ने में विश्वास करती है, तोड़ने में नहीं। खरमास के बाद जो लोग टूट का इंतजार कर रहे थे, उनके सभी कयास अब झूठे साबित हुए हैं।

दही चूड़ा भोज से एकजुटता का संदेश

दरअसल रोहतास जिले के दिनारा से आरएलएम विधायक आलोक सिंह ने रविवार को भलुनी धाम में एक समरसता भोज के जरिए एकजुटता का संदेश दिया है। मकर संक्रांति के अवसर पर विधायक आलोक सिंह द्वारा आयोजित दही-चूड़ा समरसता भोज में आरएलएम सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी सह विधायक स्नेहलता कुशवाहा भी शामिल हुईं। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए आलोक सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी में टूट का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि आरएलएम के सभी तीन विधायक पार्टी के मजबूत सिपाही हैं और वे पूरी तरह से उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में अटूट हैं।

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