वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर। धान उठाव में गड़बड़ी पर जिला प्रशासन ने बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एसडीएम मनीष साहू की टीम ने अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर दिया है। इसके अलावा टीम ने मौके से 54 हजार क्विंटल धान जब्त किया है, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पूरा मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, राइस मिल की ओर से कस्टम मिलिंग के लिए 58,600 क्विंटल धान उठाव किया गया था। जांच में 54,082.8 क्विंटल धान पाया गया, जबकि 4,577.2 क्विंटल धान गायब मिला। इससे पहले 16 जनवरी को प्रशासन ने 2 राइस मिल से 2890 क्विंटल और 3152 क्विंटल धान गायब पाया गया था, जिसकी कीमत 89 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई थी। दोनों मिलों से कुल 46,257 क्विंटल धान जब्त किया था, जिसकी कीमत 14 करोड़ 33 लाख रुपए आंकी गई थी। खाद्य नियंत्रक के अनुसार जिले में अब तक 56 करोड़ से ज्यादा का धान जब्त किया गया है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, धान उठाव में अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड पर है। लगातार टीम राइस मिलों में दबिश देकर रिकॉर्ड की जांच में रही है। ऐसे में SDM मनीष साहू की टीम ने 16 जनवरी को संजीत मित्तल के सिरगिट्टी स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर दबिश दी। SDM मनीष साहू, तहसीलदार प्रकाश साहू, खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत और ललिता शर्मा ने 16 और 17 जनवरी को 2 दिनों तक राइस मिल की गहन जांच की। इस दौरान मिल परिसर से 4,577 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने तत्काल मिल को सील करने की कार्रवाई की।

जांच में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत उठाए गए धान का भौतिक सत्यापन किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार, राइस मिल की ओर से कुल 1,46,650 बोरा (58,600 क्विंटल) धान का उठाव किया गया था, लेकिन मौके पर केवल 1,35,207 बोरा (54,082.8 क्विंटल) धान ही उपलब्ध मिला। इस तरह 11,443 बोरा यानी 4,577.2 क्विंटल धान कम पाया गया। उपलब्ध 54,082.8 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 16.76 करोड़ रुपए आंकी गई है, उसे जब्त कर लिया गया। प्रशासन ने इस मामले को छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन मानते हुए संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। धान की हेराफेरी की आशंका को देखते हुए मिल को सील कर दिया गया है।