Back to back centuries in Two Final by Atharva Taide : फाइनल… क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा इम्तिहान होता है. इस मंच पर हर खिलाड़ी हीरो बनना चाहता है, लेकिन कुछ ही प्लेयर ऐसे होते हैं, जो फाइनल की दवाब में चमकते हैं. बैक टू बैक 2 फाइनल में शतक ठोककर एक 25 साल के भारतीय बल्लेबाज ने गर्दा उड़ा दिया है.

Back to back centuries in Two Final by Atharva Taide: फाइनल…क्रिकेट की दुनिया में इसे खिताबी मुकाबला कहा जाता है. वही मैच जिसमें हीरो बनना हर खिलाड़ी का सपना होता है. फाइनल किसी भी सीरीज, ट्रॉफी, टूर्नामेंट या इवेंट का हो, वो खास ही होता है. जब कोई खिलाड़ी बैक टू बैक दो फाइनल में जीत का हीरो बनता है तो यह बेहद खास लम्हा होता है. एक भारतीय बल्लेबाज ने 18 जनवरी 2025 के दिन यह लम्हा जिया. उसने लगातार दूसरे फाइनल में शतक ठोका और अपनी टीम को जीत दिलाई. ये कोई और नहीं बल्कि बाएं हाथ के स्टार ओपनर अथर्व तायडे हैं, जो घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के लिए खेलते हैं.

दरअसल, विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में अथर्व तायडे की घरेलू टीम विदर्भ चैंपियन बनी है. फाइनल में विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रनों से हराया और खिताब अपने नाम किया. जीत के हीरो ओपनर तायडे रहे, जिन्होंने 118 बॉल पर 15 चौके और 3 छक्कों की मदद से 128 रन बनाए. उनकी इस पारी के दम पर विदर्भ ने 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 317 रन किए थे, जिसका पीछा करते हुए सौराष्ट्र की टीम 48.5 ओवर में 279 रनों पर सिमट गई. 128 रनों की पारी के लिए अथर्व को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, मतलब वो अपनी टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे.

1 शतक और 3 फिफ्टी के दम पर बनाए 396 रन

यह खिताबी मुकाबला बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला गया. जिसमें पहले बैटिंग करने उतरी विदर्भ के लिए तायडे-मोखाडे की ओपनिंग जोड़ी ने 80 रनों की साझेदारी की. मोखाडे 33 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन तायडे क्रीज पर डटे रहे. 25 साल के इस बैटर ने सौराष्ट्र के गेंदबाजों की जमकर पिटाई की और 79 बॉल पर शतक बनाया. यह उनके लिस्ट ए करियर का तीसरा शतक था. इस सीजन उनकी ये पहली सेंचुरी थी. पूरे टूर्नामेंट में अथर्व ने 7 मैच खेले और 66 की औसत से 396 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 3 फिफ्टी शामिल रहीं.

ईरानी कप के फाइनल में भी शतक ठोक बने थे हीरो

ये वही अथर्व तायडे हैं, जिन्होंने 4 महीने के भीतर बैक टू बैक दो फाइनल खेले और दोनों में शतक ठोक जीत के हीरो बने. इससे पहले अथर्व ने 1 अक्टूबर 2025 को रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ ईरानी कप के फाइनल की पहली पारी में शानदार शतक जमाया था. उस पारी में उन्होंने 143 रन किए थे. वो खिताबी मुकाबला भी विदर्भ की टीम ने जीता था और अथर्व प्लेयर ऑफ द मैच बने थे.

कैसा है अथर्व तायडे का करियर

अथर्व अपने फर्स्ट क्लास करियर में अब तक 38 मैचों की 63 पारियों में 34.26 की औसत से 2090 रन बना चुके हैं, जिसमें 5 शतक और 9 फिफ्टी शामिल हैं. लिस्ट ए के 42 मैचों में उन्होंने 1489 रन किए हैं, जिसमें 3 शतक और 9 फिफ्टी दर्ज हैं. टी20 के 60 मैचों में उन्होंने 1672 रन किए हैं.