Copper Price Today: आज 19 जनवरी 2026 को तांबे की कीमतों में तेज तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे का विरोध कर रहे हैं.

इसके अलावा यूरोपीय देश भी अमेरिका से आने वाले सामान पर टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं. दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते तांबे के साथ-साथ सोने और चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है.

Also Read This: Defrail Tech IPO Listing: SME मार्केट में धमाकेदार एंट्री, ओवरसब्सक्राइब हुआ स्टॉक, खरीदारी से पहले चेक करें ये डिटेल्स

Copper Price Today
Copper Price Today

Also Read This: Share Market Crash Update: कैसे हुई ‘लाल बारिश’, जानिए गिरावट की 4 वजहें, क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स

MCX पर तांबे की कीमत

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MCX पर आज तांबे की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है. तांबा 1,298.40 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है.

शुक्रवार को MCX पर तांबा 1,290 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर तांबे की कीमत बढ़कर 5.8990 डॉलर प्रति पाउंड हो गई है.

Also Read This: हफ्ते की शुरुआत में शेयर बाजार धड़ाम: 600 अंक गिरा सेंसेक्स, निफ्टी भी 200 अंक फिसला, ट्रंप के इस बयान से टूटा बाजार

अमेरिका टैरिफ लगाने की तैयारी में

माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका से दूसरे देशों को निर्यात किए जाने वाले तांबे पर 15 से 30 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं.

हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बाजार में चल रही इन खबरों के चलते कई कंपनियों ने तांबे का स्टॉक बढ़ा दिया है. निवेशक भी तांबे के फ्यूचर्स में बड़ी हिस्सेदारी ले रहे हैं.

Also Read This: Silver Price Hike: चांदी की कीमतों ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पहली बार ₹3 लाख के पार, सोने ने लगाई ₹3,000 की छलांग

बढ़ती मांग से तांबे की कीमतों में उछाल

पिछले साल तांबे की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, जो इस साल भी जारी है. तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है और इसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है.

कई बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में न केवल सोना और चांदी, बल्कि तांबा भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है. इसकी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और इंडस्ट्रियल मांग है.

तांबे का इस्तेमाल बिजली के तारों से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े डेटा सेंटर तक बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. यही वजह है कि तांबे की मांग मजबूत बनी हुई है और कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है.

Also Read This: खतरे में डिजिटल इंडिया: बजट 2026 में बदल सकता है फ्री पेमेंट मॉडल, आखिर क्या है निर्मला ताई का प्लान