Wipro Share Price: सोमवार 19 जनवरी को दिग्गज IT कंपनी विप्रो के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. शुरुआती ट्रेडिंग में कंपनी के शेयर करीब 9 प्रतिशत टूटकर 241.55 रुपये तक आ गए. यह गिरावट कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजे आने के बाद देखने को मिली.
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दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने विप्रो के शेयर की रेटिंग डाउनग्रेड कर दी. इसके अलावा कई अन्य ब्रोकरेज हाउस ने भी स्टॉक के लिए अपने अनुमान घटा दिए, जिससे शेयर पर दबाव और बढ़ गया.
मॉर्गन स्टेनली ने विप्रो की रेटिंग पहले की “इक्वल-वेट” से घटाकर “अंडरवेट” कर दी है. साथ ही टारगेट प्राइस भी 270 रुपये से घटाकर 242 रुपये कर दिया गया है.
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मॉर्गन स्टेनली ने रेटिंग डाउनग्रेड क्यों की
ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले एक साल में बेहतर डील फ्लो और मजबूत मार्जिन परफॉर्मेंस के चलते विप्रो ने अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले प्राइस-टू-अर्निंग यानी P/E मल्टीपल का अंतर काफी हद तक कम कर लिया था.
हालांकि कंपनी का चौथी तिमाही यानी Q4 के लिए दिया गया गाइडेंस बताता है कि डील से रेवेन्यू में बदलने की रफ्तार उम्मीद से धीमी है. इसके अलावा नए वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ की संभावनाएं भी अन्य IT कंपनियों की तुलना में कमजोर नजर आ रही हैं.
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि इससे विप्रो के P/E मल्टीपल में डिस्काउंट दोबारा बढ़ सकता है, जो पिछले कुछ महीनों में कम हुआ था.
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Q4 गाइडेंस ने बढ़ाई चिंता
दिसंबर तिमाही के नतीजों के साथ विप्रो ने चौथी तिमाही के लिए गाइडेंस जारी किया था. कंपनी ने 0 से 2 प्रतिशत के बीच कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है. यह अनुमान बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहा, क्योंकि एनालिस्ट पहले 1 से 3 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद कर रहे थे.
कमजोर गाइडेंस को शेयर की कीमत में आई तेज गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है.
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जेफरीज भी सतर्क
मॉर्गन स्टेनली के अलावा ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी विप्रो को लेकर सतर्क रुख बनाए रखा है. जेफरीज ने स्टॉक पर 220 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है.
जेफरीज का कहना है कि कमजोर डील बुकिंग और प्रोजेक्ट शुरू होने में देरी के चलते मार्च तिमाही के लिए ग्रोथ गाइडेंस उम्मीद से कम रहा है. ब्रोकरेज को यह भी आशंका है कि जब तक हाल के अधिग्रहण और नई डील्स पूरी तरह शुरू नहीं हो जातीं, तब तक कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है.
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एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई
विप्रो के स्टॉक को कवर करने वाले कुल 47 एनालिस्ट्स में से सिर्फ 11 ने “बाय” रेटिंग दी है. वहीं 21 एनालिस्ट्स ने “होल्ड” की सलाह दी है और 15 ने “सेल” रेटिंग दी है. ये आंकड़े दिखाते हैं कि विप्रो को लेकर बाजार का रुख फिलहाल बंटा हुआ है.
शेयर और ADR का प्रदर्शन
सोमवार को भारतीय बाजार में विप्रो के शेयर करीब 242.80 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे, जो करीब 9.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ थे. इससे पहले अमेरिका में लिस्टेड विप्रो के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स यानी ADRs भी शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 7.4 प्रतिशत टूटकर बंद हुए थे.
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