दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की सीनियर लीडर आतिशी ने विशेषाधिकार समिति के नोटिस का जवाब दे दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सिख गुरुओं का सम्मान उनके लिए मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि गहरी आस्था और जीवन का मूल्य है. आतिशी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी भी गुरुओं का निरादर नहीं किया है.

मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उन्होंने समिति से मांग की है कि 6 जनवरी को हुई दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही की मूल और अनएडिटेड (Original Unedited) वीडियो रिकॉर्डिंग उन्हें उपलब्ध कराई जाए. यह विवाद 6 जनवरी की सदन की कार्यवाही के दौरान हुई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है, जिसे लेकर विपक्ष ने उन पर निशाना साधा था. आतिशी का कहना है कि बिना छेड़छाड़ वाली वीडियो रिकॉर्डिंग से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

‘सिख गुरुओं के प्रति अटूट आस्था…’

आतिशी ने धार्मिक संवेदनशीलता और अपने व्यक्तिगत मूल्यों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं और उनकी शिक्षाओं का वह हृदय से सम्मान करती हैं. उनके मुताबिक, किसी भी महापुरुष या गुरु का अपमान करना उनकी सोच और परवरिश के खिलाफ है. उन्होंने समिति को भरोसा दिलाया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है और वे गुरुओं के अपमान की कल्पना भी नहीं कर सकतीं.

मूल वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग

आतिशी ने आरोपों को चुनौती देते हुए साक्ष्यों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने विशेषाधिकार समिति से अपील की है कि उन्हें उस दिन की विधानसभा की आधिकारिक और बिना कटी-छंटी वीडियो फुटेज दी जाए. उनका मानना है कि मौजूदा वक्त में जो साक्ष्य या वीडियो क्लिप दिखाई जा रही हैं, वे पूरी सच्चाई बयां नहीं करतीं.

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