Chhattisgarh News : अमित पांडेय, खैरागढ़. मोबाइल फोन और इंटरनेट ने आम आदमी की जिंदगी को जितना आसान बनाया है, उतना ही खतरनाक रूप ऑनलाइन सट्टा और डिजिटल जुए ने भी ले लिया है. खैरागढ़ जिले में सामने आया ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा एप का मामला इस बात का ताजा उदाहरण है कि किस तरह मोबाइल की एक क्लिक से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार खड़ा किया जा रहा है. खैरागढ़ पुलिस द्वारा दर्ज अपराध की जांच में सामने आया कि ‘शिवा बुक’ नामक ऑनलाइन सट्टा एप के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों से क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो गेम और लाइव मैचों पर रुपये लगवाए जा रहे थे. यह पूरा खेल मोबाइल एप और वेबसाइट के माध्यम से चलाया जा रहा था, ताकि पहली नजर में यह एक सामान्य ऑनलाइन गेम या स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म लगे. पुलिस और साइबर एजेंसियों से बचने आरोपी एप का नाम बदल-बदलकर ‘100 पैनल’ और ‘फेयर प्ले’ जैसे नामों से संचालन कर रहे थे.

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सोशल मीडिया पर सट्टा एजेंट बिछाते हैं जाल

इस तरह के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क (Chhattisgarh News) सबसे पहले व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचते हैं. भरोसे में लेने के लिए एजेंट यूजर को आईडी और पासवर्ड देते हैं और शुरुआत में जानबूझकर थोड़े बहुत फायदे दिखाए जाते हैं. जब भरोसा बन जाता है, तब दांव की रकम बढ़ा दी जाती है और धीरे-धीरे यूजर इस डिजिटल जुए के जाल में पूरी तरह फंस जाता है. जांच में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन सट्टे का पूरा तंत्र बैंक ट्रांजेक्शन पर टिका होता है. आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों के नाम पर बैंक खाते (Mule Account) खुलवाते हैं, जिनमें यूजर्स से सीधे पैसे ट्रांसफर कराए जाते हैं. बाद में इस रकम को कई खातों में घुमाकर असली स्रोत छुपा दिया जाता है. खैरागढ़ प्रकरण में करीब 8 से 10 करोड़ रुपये के बैंक लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है, जिससे इस नेटवर्क के बड़े पैमाने पर फैलाव का अंदाजा लगाया जा सकता है.

यह पूरा कारोबार लैपटॉप, मल्टी सिम, हाई-स्पीड वाई-फाई, वीपीएन और क्लाउड सर्वर के जरिए संचालित किया जा रहा था. एक ही जगह बैठकर आरोपी देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हजारों लोगों को ऑनलाइन सट्टा खेलने से जोड़ रहे थे. यही कारण है कि अब ऑनलाइन सट्टा सिर्फ स्थानीय अपराध नहीं रह गया, बल्कि यह एक गंभीर अंतरराज्यीय और साइबर अपराध का रूप ले चुका है.

पहले 8 फिर गुरुग्राम से 5 गिरफ्तार

खैरागढ़ पुलिस ने पहले थाना छुईखदान क्षेत्र से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच में यह पता चला कि इस नेटवर्क की एक अहम ब्रांच गुरुग्राम, हरियाणा में संचालित हो रही है. इसके बाद पुलिस टीम ने गुरुग्राम जाकर एक मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में दबिश दी और मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देवेंद्र सिंह और हर्ष प्रजापति, दोनों निवासी भिलाई, राजा मुखिया और उमेश मुखिया निवासी दरभंगा बिहार और मोतीलाल श्रीवास निवासी जिला सक्ती शामिल हैं.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 हजार रुपये नकद, अलग-अलग बैंक खातों में जमा 91,175 रुपये सहित कुल 1,13,175 रुपये, 19 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 3 एटीएम कार्ड, 1 वाई-फाई राउटर और 14 सिम कार्ड जब्त किए हैं. जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 4.98 लाख रुपये बताई गई है. इसके साथ ही ऑनलाइन जुआ में इस्तेमाल किए जा रहे 7 बैंक खातों (म्यूल खाते) को सीज किया गया है.

गंभीर अपराध है ऑनलाइन सट्टा (Chhattisgarh News)

कानून की नजर में ऑनलाइन सट्टा गंभीर अपराध है. छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022, आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत इसमें कड़ी सजा और सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. ऑनलाइन सट्टा सिर्फ आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों को तोड़ता है और मानसिक तनाव बढ़ाता है. आसान कमाई के लालच में खासकर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, जिसके चलते कर्ज, अपराध और कई बार आत्मघाती कदम तक की घटनाएं सामने आती हैं. खैरागढ़ पुलिस द्वारा गुरुग्राम जाकर ऑनलाइन सट्टा एप की ब्रांच को ध्वस्त करना यह साफ संदेश देता है कि अब डिजिटल सट्टा चलाने वालों को दूरी या तकनीक का सहारा नहीं मिलेगा. यह कार्रवाई बताती है कि बदलते दौर में अपराध चाहे जितना हाईटेक क्यों न हो, कानून और पुलिस उससे एक कदम आगे रहने की तैयारी में है.