लखनऊ. अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के महाभ्रष्ट राज में मेले के नाम पर पचासों हजार की महा-रकम कमीशन के रूप में हड़प जाने का नया खेल शुरू हुआ है. इसीलिए उन साधु-संतों को भी सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो मेले की शोभा होते हैं, जिनका दर्शन मात्र ही आशीर्वाद होता है, उनके साथ बेहद आपत्तिजनक-अपमानजनक हिंसक दुर्व्यवहार शासन-प्रशासन इसलिए कर रहा है क्योंकि ‘मेला महाभ्रष्टाचार’ की कमीशनख़ोरी के इस गोरखधंधे में भाजपाई गुट की मिलीभगत है.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा, जो भी मेले की दुर्व्यवस्था और बदइंतज़ामी के बारे में बोलेगा वो भाजपाई और उनके संगी-साथियों के साथ-साथ ‘संगीधिकारियों’ के निशाने पर होगा और सरेआम शिकार होगा. मेलाक्षेत्र के संजय का ‘धृतराष्ट्र’ कौन है, जिसको आँखों देखा हाल सुनाया-दिखाया जा रहा था. भाजपा को कमिश्नर की जगह ‘कमीशनर’ की नयी पोस्ट बना देनी चाहिए. कुछ तो है जिसमें हिस्सेदारी है.
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अखिलेश यादव ने कहा माघ मेला क्षेत्र में पिछले साल की तरह ही इस साल फिर से साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है. सदियों से चली आ रही शाही-स्नान की अखंड सनातनी परंपरा में गत वर्ष भी इसी सरकार द्वारा विघ्न डाला गया था. प्रश्न ये है कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों हो रही हैं. मौनी अमावस्या का शाही-स्नान क्या पहली बार हो रहा है. इस अवस्था के लिए भाजपा का कुशासन और नाकाम व्यवस्था ही दोषी है.
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