कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में कांग्रेस के पास फिलहाल छह विधायक हैं। पार्टी नेतृत्व ने इन सभी विधायकों को 23 जनवरी को दिल्ली तलब किया है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता के चयन को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक में सभी विधायकों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।

बजट सत्र को देखते हुए फैसला जरूरी

करीब दस दिन बाद बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान चाहता है कि सत्र से पहले विधायक दल का नेता तय कर लिया जाए, ताकि सदन में पार्टी की भूमिका और रणनीति स्पष्ट रहे।

आपसी सहमति न बनने से अटका रहा मामला

अब तक कांग्रेस के छह विधायकों के बीच विधायक दल नेता के नाम पर आपसी सहमति नहीं बन पाई थी। इसी कारण यह मामला लंबे समय से लंबित चला आ रहा था। अब संगठनात्मक वरीयता और अनुभव के आधार पर निर्णय लेने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व की नजर दो विधायकों पर सबसे ज्यादा है। इनमें मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और चनपटिया से विधायक अभिषेक रंजन शामिल हैं।

अनुभव बनाम सांगठनिक सक्रियता

मनोहर प्रसाद सिंह मनिहारी की आदिवासी आरक्षित सीट से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए हैं और पूर्व आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं। वहीं, अभिषेक रंजन पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन युवा कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और वफादारी उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।

23 जनवरी की बैठक पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर 23 जनवरी को दिल्ली में होने वाली बैठक पर है। माना जा रहा है कि बजट सत्र से पहले कांग्रेस बिहार में अपने विधायक दल के नेता की घोषणा कर देगी।