Bihar News: आरटीआई के जरिए बीते दो दिसंबर को यह खुलासा सामने आया था कि बिहार और केंद्र सरकार में कई ऐसे नेता हैं, जो एक साथ वेतन और पेंशन दोनों भुगतान का लाभ उठा रहे हैं। इनमें कुल 8 नेताओं का नाम सामने आया था, जिसमें से एक नाम राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का भी था। विवाद बढ़ने पर उस समय उपेंद्र कुशवाहा ने सफाई देते हुए कहा था कि, मैंने सिर्फ अपना वेतन ले रहा हूं, इसके अलावा मैं कोई पेंशन नहीं ले रहा।

इन तीन नेताओं ने वापस किए पैसे

हालांकि आरटीआई के माध्यम से अब एक और बड़ी और अहम जानकारी सामने आई है, जो उपेंद्र कुशवाहा को झूठा साबित कर रही है। दरअसल वेतन के साथ पेंशन का लाभ लेने वाले 8 नेताओं में से तीन माननीयों ने चालान के माध्यमसे सरकारी खजाने में पैसा वापस किया है। इसमें से एक नाम उपेंद्र कुशवाहा का भी है।

कुशवाहा ने लौटाए सबसे अधिक पैसे

बिहार के जाने-माने आरटीआई एक्टिविस्ट शिवप्रकाश राय की माने तो पैसा वापस करने के मामले में इन नेताओं में से उपेंद्र कुशवाहा ने सबसे अधिक पैसा जमा किए हैं। कुशवाहा ने 11 दिसंबर 2025 को 3 लाख 36 हजार 135 रुपए जमा किए हैं। उन्होंने यह रकम पेंशनके रूप में अधिक लिया था। दूसरे नंबर पर जदयू विधायक रामसेवक सिंह ने पेंशन के रूप में अधिक लिए 53,867 रुपए 10 दिसंबर 2025 को वापस किया। वहीं, राजद विधायक राहुल कुमार ने पेंशन के रूप में अधिक लिए 30,400 रुपए 15 दिसंबर 2025 को चालान के माध्यम से पटना कोषागार में वापस किया है।

कई नेताओं ने किया था खुलकर विरोध

दरअसल प्रावधान यह है कि आप एक साथ किसी सदन का वेतन और किसी सदन से पेंशन नहीं ले सकते हैं। लेकिन इन विधायक, विधानपार्षदों और राज्यसभा सांसदों द्वारा इस नियम का पालन नहीं करते हुए वेतन के साथ पेंशन की राशी ली जा रही थी, जो की नियम के विरुद्ध था। खुलासा होने पर कई नेताओं ने भी खुलकर इसका विरोध किया था।

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