रवि साहू, नारायणपुर। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक शाला अंजरेल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि बच्चों के भविष्य पर मंडराते खतरे को भी उजागर कर दिया है। जिस शिक्षक के कंधों पर बच्चों को अक्षर ज्ञान, संस्कार और अनुशासन देने की जिम्मेदारी है, वही शिक्षक खुलेआम शराब के नशे में धुत पाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। लंबे समय से इसकी शिकायत करते आ रहे हैं कि संबंधित शिक्षक अक्सर नशे की हालत में स्कूल पहुंचता है, पढ़ाई के नाम पर औपचारिकता निभाता है और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।


वहीं आज जब लल्लूराम डॉट कॉम की टीम मौके पर पहुंची और हकीकत कैमरे में कैद हुई, तो शिक्षक की असल मानसिकता भी सामने आ गई। सवालों से घिरते ही शिक्षक न सिर्फ जवाब देने से बचता दिखा, बल्कि उल्टे पुलिस में शिकायत और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने लगा। इतना ही नहीं शराब सेवन पर सीधा सवाल पूछे जाने पर उसने माइक हटाने की भी कोशिश की।
बता दें कि बीते दिनों नारायणपुर शिक्षक संघ द्वारा दो पत्रकारों पर अवैध वसूली का आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवाया गया था। उसी घटना के बाद से कुछ लापरवाह और नशेड़ी शिक्षक सवाल पूछने वाले पत्रकारों को डराने-धमकाने का हथियार बना चुके हैं। “पुलिस में शिकायत कर देंगे, जेल भिजवा देंगे” जैसी धमकियां अब जवाब देने का विकल्प बनती जा रही हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ऐसे शिक्षक अपने कृत्यों से पूरे शिक्षक समाज को बदनाम कर रहे हैं। हजारों ईमानदार शिक्षक दिन-रात मेहनत कर बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं, लेकिन कुछ गैर-जिम्मेदार और नशेड़ी शिक्षक पूरी बिरादरी पर दाग लगाने का काम कर रहे हैं।
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