पटना। नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के उद्देश्य से एक नई और अभिनव पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र के हर वार्ड में एक ‘नगर मित्र’ का चयन किया जाएगा, जो अपने इलाके में स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करेगा। नगर निगम का मानना है कि जब तक आम नागरिक स्वच्छता अभियान से सीधे नहीं जुड़ेंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। इसी सोच के साथ ‘नगर मित्र’ की अवधारणा लाई गई है, ताकि नागरिकों की भागीदारी से शहर को साफ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।

निगरानी से लेकर जागरूकता तक जिम्मेदारी

नगर मित्र केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे अपने निवास स्थान के आसपास दोनों ओर लगभग पांच-पांच घरों तक की गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई की नियमित निगरानी करेंगे। वे लोगों को खुले में कचरा फेंकने से रोकने, स्वच्छ आदतें अपनाने और सफाई नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे।

सफाई संबंधी शिकायतों की देंगे जानकारी

किसी भी प्रकार की सफाई समस्या की सूचना समय पर नगर निगम तक पहुंचाना भी नगर मित्र की जिम्मेदारी होगी, ताकि समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। इसके साथ ही वे गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और प्लास्टिक के सीमित उपयोग के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।

कैसे होगा नगर मित्र का चयन

नगर मित्र का चयन संबंधित क्षेत्र के सफाई इंस्पेक्टर और सिटी मैनेजर की निगरानी में किया जाएगा। चयन से पहले स्थानीय लोगों से फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि जिम्मेदार और जागरूक नागरिक को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जा सके।

VMD पर दिखाई जाएगी नगर मित्र की तस्वीर

नगर निगम ने निर्णय लिया है कि चयनित नगर मित्र की तस्वीरें पटना स्मार्ट सिटी द्वारा लगाए गए VMD (Variable Message Display) पर प्रदर्शित की जाएंगी। इससे अच्छे कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मान मिलेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

नगर शत्रु अभियान भी जारी

गंदगी फैलाने वालों यानी नगर शत्रु के खिलाफ अभियान भी लगातार जारी है। अब तक करीब 2000 लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि नगर मित्रों और नागरिकों के सहयोग से पटना को स्वच्छ, स्वस्थ और आदर्श शहर बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।