बक्सर। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आज और कल यानी 22 व 23 जनवरी को ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने यह निर्णय सदर अस्पताल में महिला की मौत के बाद हुए हंगामे और डॉक्टरों से दुर्व्यवहार के विरोध में लिया है। इस बहिष्कार के चलते जिले के हजारों मरीजों को नियमित इलाज और परामर्श से वंचित रहना पड़ेगा।

महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा

मंगलवार देर रात सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि इस दौरान चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार भी किया गया, जिससे अस्पताल परिसर में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही।

स्वास्थ्य सेवा संघ की आपात बैठक

घटना के बाद बुधवार शाम बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की जिला इकाई ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। संघ ने सर्वसम्मति से दो दिनों के लिए ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का फैसला लिया।

सुरक्षा नहीं मिली तो आंदोलन होगा तेज

भासा के जिला सचिव डॉ. संजय कुमार ने बताया कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का विकल्प भी खुला रखा गया है।

मरीजों की बढ़ेगी परेशानी

ओपीडी सेवाएं बंद रहने से सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी और सीएचसी में मरीजों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। वहीं, इस मामले पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।