अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित एक छात्रावास में करीब एक वर्ष पूर्व नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब तक कोई ठोस खुलासा नहीं हो सका है। न्याय की आस लगाए परिजनों ने छात्रा की पहली बरसी पर गुरुवार को सासाराम की सड़कों पर शोक यात्रा निकाली। इस यात्रा में स्थानीय नागरिकों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर पीड़ित परिवार को समर्थन दिया।
एक साल बाद भी जांच अधूरी
छात्रा की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, जबकि परिजनों ने शुरू से ही इसे सुनियोजित हत्या बताया है। हैरानी की बात यह है कि घटना को एक वर्ष बीत जाने के बावजूद बनारस पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एसआईटी गठन की घोषणा भी अब तक कागजों में ही सीमित है।
न्याय की मांग हुई तेज
हाल ही में पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा के साथ हुई घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बीच, सासाराम में भी न्याय की मांग और तेज हो गई है। सैकड़ों महिला-पुरुष हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। भीम आर्मी नेता अमित पासवान ने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। समाजसेवी तोराब नियाजी ने परिवार के साथ अंतिम सांस तक खड़े रहने की बात कही।
समाहरणालय में हंगामा
शोक यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारी जिला समाहरणालय पहुंचे और सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी उदिता सिंह के मुलाकात किए बिना निकल जाने से लोग आक्रोशित हो गए और डीएम कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई।
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