रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हुई मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति विवादों में घिर गई है. पार्टी ने एक ऐसे शख्स की नियुक्ति की, जिसकी पहले ही मौत हो चुकी है. इस पर एक तरफ जहां भाजपा ने ‘नकल के लिए भी अक्ल’ होने की बात कहते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है. वहीं कांग्रेस ने लंबी नियुक्ति प्रक्रिया का हवाला देते हुए दिवंगत व्यक्ति के स्थान पर जल्द नई नियुक्ति की बात कही है.
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कांग्रेस के नवनियुक्त मंडल अध्यक्षों की सूची में गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के इंदागांव मंडल अध्यक्ष के तौर पर रूपेंद्र सोम का नाम शामिल है. जबकि रूपेंद्र की मृत्यु हो चुकी है. इस पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि BJP की नकल कर कांग्रेस ने मंडल अध्यक्ष बना दिया, लेकिन नकल के लिए भी अक्ल की जरूरत होती है. कांग्रेस को आंतरिक स्तर पर SIR करना चाहिए. इससे पता चलेगा कहां किसकी मृत्यु हो गई है.

राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने भी इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस का अपना अलग ही कल्चर है. पतन की ओर अग्रसर कांग्रेस अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रही है. कांग्रेस में प्रजातंत्र प्रणाली नहीं है. मरे हुए को मंडल अध्यक्ष बना दिए हैं. फिर वोट चोरी, साजिश की बात करते हैं.
इधर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पहली बार कांग्रेस ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की. जल्द दो महीनों में 27 हजार बूथ कमेटियां भी बन जाएगी. इसके साथ दिवंगत रूपेंद्र सोम की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद पर कहा कि पिछले 5 माह से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही थी. सूची जारी होने से पहले एक अध्यक्ष की मृत्यु भी हो गई. उनकी जगह जल्द नई नियुक्ति करेंगे.

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