रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कथित तौर पर अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का मामला सुर्खियों में आ गया है. इस संबंध में नव नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ (छत्तीसगढ़) ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है.

संघ ने मुख्य सचिव को संबोधित किए गए पत्र में बताया है कि 21 जनवरी को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक की अध्यक्षता में निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी. इस बैठक में कई संभागों के अंतर्गत आने वाले नगरीय निकायों के अधिकारी शामिल हुए थे. संघ ने मुख्य सचिव को भेजी गई शिकायती पत्र में कहा है कि बैठक के दौरान संचालक द्वारा “नालायक, हरामखोर, बुड़बक, चोर” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया. संघ ने इसे पद की गरिमा और प्रशासनिक मर्यादा के विपरीत बताते हुए कहा है कि इस प्रकार की भाषा न केवल अधिकारियों का अपमान है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को गंभीर ठेस पहुंचाने वाली है.

कर्मचारी संघ ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यरत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस तरह के अमर्यादित शब्दों का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है. इससे न सिर्फ विभागीय वातावरण दूषित होता है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है.

माफी या अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग

नव नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने पूरे घटनाक्रम को अत्यंत गंभीर बताते हुए संचालक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. साथ ही यह भी अनुरोध किया है कि संचालक के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.