पटना। मुंबई में बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित बिहार भवन के निर्माण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से विरोध जताए जाने के बाद अब बिहार भाजपा खुलकर सामने आ गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस विरोध को असंवैधानिक और संघीय व्यवस्था के खिलाफ बताया है।
संविधान और संघीय ढांचे का सवाल
नीरज कुमार ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संघीय राष्ट्र है, जहां संविधान हर नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में रहने, काम करने और सुविधाएं पाने का अधिकार देता है। ऐसे में किसी राज्य के भवन के निर्माण का विरोध करना गलत सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवाद फैलाना समाज को बांटने जैसा है, जो स्वीकार्य नहीं है।
इलाज और प्रशासनिक जरूरतों के लिए जरूरी
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि बड़ी संख्या में बिहार के लोग इलाज के लिए मुंबई जाते हैं, खासकर टाटा मेमोरियल जैसे बड़े अस्पतालों में। इसके अलावा अधिकारी, मंत्री और अन्य प्रतिनिधि भी अक्सर मुंबई आते हैं। बिहार भवन का उद्देश्य इन्हीं लोगों को ठहरने और सहायता की सुविधा देना है। उन्होंने मनसे पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ दल सेवा कार्यों में भी राजनीति खोज रहे हैं।
महाराष्ट्र का सम्मान, भारतीयता पर विश्वास
नीरज कुमार ने कहा कि बिहार सरकार महाराष्ट्र और मराठी समाज का पूरा सम्मान करती है। यदि महाराष्ट्र सरकार बिहार में महाराष्ट्र भवन या मुंबई भवन बनाना चाहे, तो बिहार सरकार उसका खुले दिल से स्वागत करेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम क्षेत्रवाद में नहीं, बल्कि भारतीयता में विश्वास रखते हैं।
314 करोड़ की स्वीकृति
बिहार सरकार ने मुंबई में बिहार भवन के निर्माण के लिए 314.20 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस मुद्दे पर बिहार के लगभग सभी राजनीतिक दल एकजुट नजर आ रहे हैं और महानगर मुंबई में बिहारियों की सुविधा के लिए इसे जरूरी मान रहे हैं।
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