लखनऊ. माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ औऱ साधु-संतों के साथ हुए बदसलूकी का मामला अब सियासी रंग ले चुका है. तमाम विपक्षी दल भाजपा पर लगातार हमलावर हैं. ऐसे में अब भाजपा बैकफुट पर आती नजर आ रही है. मुद्दे को तुल पकड़ता देख डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने पार्टी का बचाव करते हुए बयान दिया है. डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम कर खास अपील की है.

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पूरे मामले में केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा का बचाव करते हुए कहा, किसी भी संत का अनादर करना भाजपा का संस्कार नहीं है. केशव मौर्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रणाम कर से विवाद खत्म करने के साथ गंगा स्नान करने की प्रार्थना की है. इतना ही नहीं बदसलूकी करने वाले अफसरों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की बात भी कही है.

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संतों के साथ मारपीट का आरोप

मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. श्रद्धालु बड़ी संख्या में डुबकी लगाने के लिए पहुंचे थे. जिसके कारण संगम पर गहमागहमी की स्थिति हो गई थी. इसी बीच ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी संगम पहुंचे थे, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से प्रशासन ने उन्हें रोक दिया था. प्रशासन ने उनसे रथ से उतरकर पैदल जाने का आग्रह किया था. इस पर उनके भक्तों और पुलिस के बीच विवाद शुरू हो गया था. शंकराचार्य ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने संतों के साथ मारपीट की है. उन्होंने कहा है कि जब प्रशासन ने हमें रोका तो हम सहयोग के लिए तैयार थे. जब हम वापस जाने लगे तो पुलिस ने संतों और भक्तों से मारपीट शुरू कर दी थी.