शिखिल ब्यौहार, भोपाल। आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्विट्जरलैंड से वापस लौट रहे हैं। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में प्रदेश की ओर से मजबूत उपस्थिति दर्ज करने के बाद वे नई दिल्ली से विशेष विमान द्वारा जबलपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने WEF के वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश के निवेश, पर्यटन, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और अन्य सेक्टर्स में अवसरों को प्रभावी ढंग से पेश किया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण MoU और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ चर्चाएं हुईं, जो प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। जबलपुर पहुंचते ही मुख्यमंत्री का व्यस्त कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। वे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 

इनमें शामिल हैं

  • सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह,
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के लाभार्थियों के साथ कार्यक्रम,
  • विभिन्न औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा आयोजित स्वागत समारोह,
  • मां नर्मदा महाआरती और श्री दादागुरू के प्रकट उत्सव सहित अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन।”

भोजशाला में आज बसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों एक साथ 

आज बसंत पंचमी है, और मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद यहां पूजा और नमाज दोनों एक साथ होंगी, लेकिन अलग-अलग समय और जगह पर। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और शहर को छावनी में तब्दील कर दिया है।  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, यहां हिंदू समाज सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा कर सकेगा, जबकि मुस्लिम समाज दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करेगा। दोनों के लिए अलग-अलग स्थान और प्रवेश-निकास की व्यवस्था की गई है।  

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया, जिसमें दोनों समुदायों से आपसी सम्मान और सहयोग की अपील की गई है।  हिंदू पक्ष को पूरे दिन पूजा की अनुमति मिली है, जबकि नमाज के लिए दो घंटे का समय तय किया गया है। प्रशासन ने दोनों पक्षों के लिए विशेष पास व्यवस्था भी लागू की है। धार शहर में स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। ड्रोन और एआई आधारित निगरानी से पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर रखी जा रही है। 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।

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