कुंदन कुमार/ पटना। बिहार सरकार ने राज्य में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। सुरक्षा एजेंसियों की ताजा थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह पेशेवर सुरक्षा इनपुट और जोखिम आकलन पर आधारित है।

नितिन नबीन को मिली Z श्रेणी सुरक्षा

नए आदेश के तहत भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे नितिन नबीन को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। वहीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z श्रेणी से घटाकर Y श्रेणी कर दी गई है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

इन नेताओं को भी Z कैटेगरी सुरक्षा

सरकारी आदेश के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, केंद्रीय मंत्री व जदयू सांसद ललन सिंह तथा बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को भी अब Z श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। गृह विभाग का कहना है कि इन नेताओं के लिए संभावित जोखिम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

विपक्षी नेताओं की सुरक्षा हटाई गई

सूत्रों के मुताबिक, कुछ विपक्षी नेताओं की सुरक्षा पूरी तरह वापस ले ली गई है। इनमें बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी मदन मोहन झा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी शामिल हैं। एजेंसियों की रिपोर्ट में इन नेताओं के लिए किसी तात्कालिक खतरे की पुष्टि नहीं हुई।

सियासी बयानबाजी तेज

VIP सुरक्षा में हुए इस बदलाव को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। जहां एनडीए इसे प्रशासनिक और सुरक्षा आधारित निर्णय बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक दुर्भावना से जोड़कर सवाल खड़े कर रहा है।