भारतीय रेलवे ने ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू किया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस खतरनाक प्रवृत्ति से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच पूरे देश में पत्थरबाजी की 1,698 घटनाएं दर्ज की गईं। इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए RPF ने अब तक 665 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य रेल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, ट्रेनों और रेलवे संपत्ति की रक्षा करना और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश देना है।

RPF की जांच में सामने आया है कि पत्थरबाजों के निशाने पर सबसे अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें हैं। हालांकि इन आधुनिक ट्रेनों में बेहद मजबूत रीइन्फोर्स्ड कांच लगाए गए हैं, लेकिन भारी पथराव के कारण वे भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। सामान्य यात्री ट्रेनों में खिड़कियों के टूटने से कई यात्रियों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। रेलवे ने उन संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है जहां ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। इन क्षेत्रों में RPF की गश्त बढ़ा दी गई है और अपराधियों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ स्थानीय मुखबिरों की मदद भी ली जा रही है।

जेल की हवा और भारी जुर्माना

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों की जान जोखिम में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए आरोपियों पर भारतीय रेलवे अधिनियम की गंभीर धाराओं (150, 152, 153 और 154) के तहत मुकदमे चलाए जा रहे हैं। इन धाराओं के तहत अपराध की गंभीरता के आधार पर 1 साल से लेकर 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। रेलवे का कहना है कि वे इन मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

केवल कार्रवाई नहीं, जागरूकता पर भी जोर

रेलवे केवल कानूनी कार्रवाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस समस्या की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए: ट्रैक के किनारे स्थित स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि बच्चों को इसके कानूनी परिणामों के बारे में बताया जा सके। पटरियों के पास बसी बस्तियों के लोगों को शिक्षित किया जा रहा है कि पत्थरबाजी कैसे किसी की जान ले सकती है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और आधुनिक कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

RPF ने आम जनता से अपील की है कि वे पत्थरबाजी जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों या पुलिस को दें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रेलवे अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर दें। शेष मामलों में जांच अभी जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।

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