गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट की परंपरा पुरानी, किस साल नहीं आया कोई चीफ गेस्ट?
गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट की परंपरा पुरानी, किस साल नहीं आया कोई चीफ गेस्ट?
भारत में गणतंत्र दिवस मनाने की शुरुआत 26 जनवरी 1950 से हुई, जब देश में संविधान लागू हुआ.
भारत में गणतंत्र दिवस मनाने की शुरुआत 26 जनवरी 1950 से हुई, जब देश में संविधान लागू हुआ.
उसी साल से एक खास परंपरा भी शुरू हुई कि गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी मेहमान को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना.
उसी साल से एक खास परंपरा भी शुरू हुई कि गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी मेहमान को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना.
लेकिन 1952 और 1953 में गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी मुख्य अतिथि नहीं था.
लेकिन 1952 और 1953 में गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी मुख्य अतिथि नहीं था.
उस दौर में भारत अपनी आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से जूझ रहा था.
उस दौर में भारत अपनी आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से जूझ रहा था.
इसके बाद 1955 से परेड को राजपथ, जिसे अब कर्तव्य पथ कहा जाता है, पर स्थायी रूप से आयोजित किया जाने लगा
इसके बाद 1955 से परेड को राजपथ, जिसे अब कर्तव्य पथ कहा जाता है, पर स्थायी रूप से आयोजित किया जाने लगा
और उसी साल पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर-जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को मुख्य अतिथि बनाया गया.
और उसी साल पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर-जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को मुख्य अतिथि बनाया गया.
Republic day 2026: गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट की परंपरा, कौन थे पहले विदेशी अतिथि?
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