रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. जून में हुई सिविल इंजीनियर अभिषेक यादव की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. महराजगंज थाना पुलिस ने जांच में पाया कि अभिषेक को शराब में जहर मिलाकर मार डाला गया था. इस वारदात में अभिषेक के दूर के रिश्तेदार ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर साजिश रची थी. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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बता दें कि विसरा रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया और सभी को जेल भेज दिया गया. अभिषेक यादव सिविल इंजीनियर थे और जेपीसीआई इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (या पी.सी.आई. इंफ्रा प्रा. लि.) में सिविल इंजीनियर के पद पर तैनात थे. उनकी मां ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में रिश्तेदार दिलीप यादव पर संदेह जताया था, क्योंकि अभिषेक उसे पसंद नहीं करते थे और उसके गलत कार्यों पर आपत्ति जताते थे.
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मामला जून 2025 का बताया जा रहा है, जब अभिषेक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महराजगंज पुलिस ने मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई की और कई महीनों से फरार आरोपियों को दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलीप यादव (मुख्य आरोपी), पंकज यादव, शशिकेश और राजेश के रूप में हुई है.
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