दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक ऐसा ठगी का मामला सामने आया है जिसे सुनकर कई लोग दंग रह जाएंगे। मामला सेक्टर-54, गोल्फ कोर्स रोड की एक पॉश सोसाइटी का है। सोसाइटी में रहने वाले एक कारोबारी को ‘हनीट्रैप’ के जाल में फंसाकर आरोपीयों ने पिछले 5 सालों में कुल 6 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी की।  अद्भुत और डरावनी बात यह है कि पीड़ित पर यह अत्याचार और ब्लैकमेल तब भी जारी रहा, जब उसकी सेहत खराब हो गई और उसे ब्रेन स्ट्रोक व पैरालिसिस जैसी गंभीर समस्या हो गई।

यह पूरा सिलसिला साल 2020 में फेसबुक पर आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ। प्रियंका संगमा उर्फ किम नाम की महिला ने पीड़ित कारोबारी से दोस्ती की और खुद को दुबई की एमिरेट्स एयरलाइंस में एयरहोस्टेस बताया। भरोसा जीतने के लिए उसने विमानों के अंदर की अपनी कई तस्वीरें भी साझा कीं। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ती गई और फेसबुक से वॉट्सऐप तक पहुंच गई। इसी दौरान आरोपी ने कारोबारी का विश्वास पूरी तरह हासिल कर लिया, जिसके बाद उसे हनीट्रैप के जाल में फंसा दिया गया।

तस्वीरों को मोर्फ कर बिछाया ब्लैकमेलिंग का जाल

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने धीरे-धीरे पीड़ित कारोबारी को अपनी तस्वीरें भेजने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद डीपफेक और मोर्फिंग तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी साधारण तस्वीरों को अश्लील तस्वीरों और फर्जी चैट्स के साथ जोड़ दिया गया। यहीं से कारोबारी को ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार जुलाई 2025 तक चलता रहा। आरोपी इन फर्जी तस्वीरों और चैट्स को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे मोटी रकम वसूलते रहे।

बीमारी में भी नहीं दिखाई दया

लगातार मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के चलते पीड़ित कारोबारी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ और वह पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो गया। इतनी गंभीर हालत के बावजूद भी ठगों ने कोई रहम नहीं दिखाया। आरोपियों ने अस्पताल के फर्जी बिल और भावनात्मक झूठी कहानियां सुनाकर उससे लगातार मोटी रकम ऐंठी। कारोबारी ने डर के कारण साल 2021 में पहली बार सिर्फ 5 हजार रुपये भेजे थे, लेकिन यही सिलसिला समय के साथ बढ़ता गया और रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच गई।

सालों तक यूं वसूली गई रकम

जांच में सामने आया है कि ठगों ने अलग-अलग बहानों से चरणबद्ध तरीके से कारोबारी से रकम वसूली। साल 2021 में पायलट ट्रेनिंग का बहाना बनाकर 32.38 लाख रुपये लिए गए। साल 2022 में पिता की मौत का हवाला देकर 47.15 लाख रुपये ऐंठे गए। साल 2023 में कैंसर सर्जरी और बच्चे के इलाज के नाम पर 1.26 करोड़ रुपये वसूले गए। इसके बाद 2024–25 के दौरान सबसे ज्यादा, 4 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़पी गई। पुलिस के अनुसार, इस तरह लगातार ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपियों ने पीड़ित कारोबारी से कुल 6 करोड़ 30 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की।

पूरा परिवार बना ‘ब्लैकमेलर’

पीड़ित कारोबारी का आरोप है कि इस हनीट्रैप और ठगी के गिरोह में प्रियंका के साथ उसका पति, भाई और मां भी शामिल थे। आरोप है कि पीड़ित को डराने और दबाव बनाने के लिए गिरोह के सदस्यों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर भी धमकाया। एक आरोपी ने खुद को शिलांग का एसडीएम बताकर फोन किया, जबकि प्रियंका के पति ने खुद को मेघालय के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बताकर पीड़ित को धमकाया। आरोपी बार-बार पीड़ित के ऑफिस और फेसबुक पेज पर अश्लील तस्वीरें और फर्जी चैट्स चस्पा करने की धमकी देते थे, जिससे वह सामाजिक बदनामी के डर में लगातार पैसे भेजता रहा।

पुलिस की कार्रवाई

मामले में सेक्टर-53 थाना, गुरुग्राम में प्रियंका संगमा और उसके गिरोह के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में ठगी, ब्लैकमेलिंग, आईटी एक्ट और आपराधिक साजिश का मामला पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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