ICC U-19 World Cup 2026: हार के भी जीतने वाले को बाजीगर वाला डायलाग तो आपने बहुत सुना होगा, लेकिन इसका उल्टा डायलाग है. जीत के भी हारने वाले को कहते हैं पाकिस्तान… दरअसल, U19 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ जीते-जिताए मैच में पाकिस्तान ने कुछ ऐसी चालें चली, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है.

हरारे में चल रहे ICC U-19 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप C के एक मैच में गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ 129 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान 26.2 ओवर में 132/2 पर पहुंच गया और अगले राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली.

लेकिन इस जीत में कुछ ओवरों की उसकी “चाल” ने टूर्नामेंट से स्कॉटलैंड के बाहर होने की कहानी लिख दी. अगर पाकिस्तान 25.2 ओवर से पहले जीत जाते, तो ज़िम्बाब्वे नहीं, बल्कि स्कॉटलैंड सुपर सिक्स के लिए क्वालिफाई करता. लेकिन उसने मैच धीमे खेला और स्कॉटलैंड की जगह जिम्बाब्वे क्वालिफाई कर गया.

दिलचस्प बात यह है कि 16वें और 25वें ओवर के बीच पाकिस्तान ने 50 डॉट बॉल खेलीं और 10 ओवर में सिर्फ़ 27 रन बनाए. बिना बाउंड्री के 89 गेंदों का एक लंबा दौर भी था. पाकिस्तान बनाम ज़िम्बाब्वे मैच के अप्रत्याशित अंत पर फैंस ने तुरंत रिएक्ट किया. एक तरफ इसे तेज़ सोच और रणनीति कहा जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे रणनीति के नाम पर हेरफेर बताया जा रहा है.

हालांकि, मैच में कमेंट्री कर रहे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एंडी फ्लावर ने पाकिस्तान की “चालाक रणनीति” का बचाव किया. फ्लावर ने ESPNcricinfo से कहा, “मुझे लगा कि यह उनकी तरफ से एक सही रणनीति थी. जब वे सुपर सिक्स में जाएंगे, तो वे अपना नेट रन रेट ले जाएंगे, जिसमें ज़िम्बाब्वे का खेल शामिल होगा, लेकिन स्कॉटलैंड का खेल शामिल नहीं होगा. इसका मतलब है कि उनका नेट रन रेट बेहतर है अगर स्कॉटलैंड क्वालिफाई करता.”

उन्होंने कहा कि “उन्हें पहले यह पक्का करना था कि वे मैच हारने वाले नहीं हैं, और फिर उन्होंने ज़िम्बाब्वे को क्वालिफाई कराने के लिए जानबूझकर धीमा कर दिया. कुछ लोग इस बात की नैतिकता पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन मैं पर्सनली ऐसा नहीं सोचता.”

पाकिस्तान क्यों चाहता था कि ज़िम्बाब्वे क्वालिफ़ाई करे?

अंडर-19 वर्ल्ड कप में सुपर सिक्स में कैरी-फॉरवर्ड सिस्टम होता है. टीमें अपने पॉइंट्स और नेट रन रेट (NRR) सिर्फ़ क्वालिफ़ाई करने वाली टीमों के खिलाफ़ खेले गए मैचों से लेती हैं, और बाहर हुई टीमों के खिलाफ़ के नतीजे हटा दिए जाते हैं. पाकिस्तान ने स्कॉटलैंड के खिलाफ़ 6.5 ओवर बाकी रहते जीत हासिल की थी. हालांकि, वे ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ एक बड़ी जीत हासिल करने की स्थिति में थे, लेकिन अगर ज़िम्बाब्वे ग्रुप से बाहर हो जाता, तो सुपर सिक्स स्टेज में उन्हें इसका कोई फ़ायदा नहीं होता.

खास बात यह है कि ICC का कोड इस बात की जांच की इजाज़त देता है कि क्या पाकिस्तान के कामों को गलत रणनीतिक कारणों, जिसमें नेट रन रेट भी शामिल है, के लिए मैच के नतीजे में हेरफेर करने की कोशिश के तौर पर देखा जाएगा.