परवेज आलम/पश्चिम चंपारण। जिले के नौरंगिया थाना क्षेत्र से मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बगहा पुलिस ने नाबालिग बच्चों की तस्करी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए तीन मासूम बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस कार्रवाई के बाद मानव हित को लेकर बिहार पुलिस पर लोगों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है।
एसपी के नेतृत्व में हुई त्वरित कार्रवाई
बगहा के पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल को शुक्रवार को सूचना मिली कि एक महिला और एक युवक तीन नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर कहीं दूर ले जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए नौरंगिया थाना पुलिस और एक स्थानीय सामाजिक संगठन की संयुक्त टीम गठित की गई।
दो आरोपी गिरफ्तार
जांच और सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने एक महिला और एक युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बच्चियों को पश्चिम बंगाल ले जाने की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले के कमरडांगा हरिपुर गांव निवासी 43 वर्षीय नियोती देवी और 19 वर्षीय नागेश भुइंया के रूप में हुई है।
बचाई गई बच्चियों की पहचान
रेस्क्यू की गई बच्चियों में मनसा कुमारी (12 वर्ष), चंद्र ज्योति (4 वर्ष) और जया कुमारी (6 वर्ष) शामिल हैं। तीनों बच्चियां नौरंगिया थाना क्षेत्र के हरदिया चांति गांव की रहने वाली हैं। इस पूरे अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी खत्री की भूमिका भी सराहनीय रही।
जेल भेजे गए आरोपी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मानव तस्करी के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच बगहा जेल भेज दिया है। नेपाल और उत्तर प्रदेश सीमा से सटे संवेदनशील इलाके को देखते हुए एसपी रामानंद कौशल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रलोभन, बहकावे या अंधविश्वास में आकर अपने बच्चों को किसी के हवाले न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। बगहा पुलिस जिले और सीमावर्ती क्षेत्रों में 24 घंटे सतर्क है।
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