दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक महिला को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट लगी इनोवा कार लेकर राजधानी के हाई सिक्योरिटी इलाकों में घूम रही थी. पुलिस के मुताबिक, महिला कई विदेशी दूतावासों और संवेदनशील इलाकों में बार-बार जाती थी. गणतंत्र दिवस से पहले हुई यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि एक महिला विदेशी एंबेसी की नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल कर रही है और नई दिल्ली में स्थित विभिन्न एंबेसी परिसरों में लगातार आवाजाही कर रही है. यह सूचना दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल, थाना सनलाइट कॉलोनी को मिली थी.

कार में लगाई फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट

सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित की गई. टीम को बताया गया कि संदिग्ध महिला वसंत विहार इलाके में देखी गई है. इसके बाद पुलिस टीम ई ब्लॉक, वसंत विहार पहुंची. वहां सूचना को और विकसित किया गया, जिससे पता चला कि महिला बी ब्लॉक की ओर बढ़ गई है. पुलिस टीम ने बी ब्लॉक के स्ट्रीट बी-5 में एक इनोवा कार को खड़ा पाया.

पुलिस ने वहां जाल बिछाया और निगरानी शुरू की. दोपहर करीब 3.10 बजे एक करीब 45 वर्षीय महिला कार की ओर आती दिखाई दी. महिला ने अपने हाथ में चाबी लेकर कार खोली और ड्राइविंग सीट पर बैठ गई. जैसे ही वह कार स्टार्ट करने वाली थी, पुलिस टीम ने गुप्त सूचना देने वाले के इशारे पर उसे रोक लिया.

एंबेसी प्रतिनिधि बनकर घूम रही थी महिला

जब पुलिस ने महिला से कार के कागजात और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो उसने खुद को एक विदेशी एंबेसी की प्रतिनिधि बताया. हालांकि, वह न तो एंबेसी का नाम बता सकी और न ही कार से जुड़े कोई वैध दस्तावेज पेश कर सकी. इसके बाद महिला और कार को एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल, सनलाइट कॉलोनी लाया गया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की गई.

पूछताछ के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि वह विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी. उसने बताया कि उसने नवंबर 2024 में यह इनोवा कार एक विदेशी एंबेसी से खरीदी थी. लेकिन वाहन को अपने नाम पर रजिस्टर नहीं कराया था. इसको लेकर संबंधित एंबेसी ने उसके खिलाफ चाणक्यपुरी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी.

रजिस्ट्रेशन न कराने पर रची साजिश

महिला ने पुलिस को बताया कि शिकायत के बाद उसने उस एंबेसी की असली नंबर प्लेट हटा दी और विदेशी एंबेसी जैसी दिखने वाली फर्जी नंबर प्लेट तैयार करवाई. इन नंबर प्लेटों पर रजिस्ट्रेशन नंबर 144 CD 54 लिखा हुआ था, जो एंबेसी के वाहनों की तर्ज पर बनाया गया था. उसका मकसद पुलिस की जांच से बचना और बिना रोकटोक के दूतावासों और राजनयिक इलाकों में आना-जाना करना था.

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कार के अंदर से एक और विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई है. यानी महिला एक से ज्यादा फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी. पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों के पीछे किसी बड़े मकसद से इनकार नहीं किया जा सकता.

गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

जांच एजेंसियों को शक है कि महिला ने खुद को एंबेसी प्रतिनिधि बताकर सरकारी एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की. साथ ही उसके इरादे संदिग्ध पाए गए हैं. इस आशंका को देखते हुए पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318, 319, 337, 336, 340 और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

आरोपी महिला का प्रोफाइल भी पुलिस के लिए चौंकाने वाला है. पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला असम की स्थायी निवासी है और गुवाहाटी में रहती है. वह स्नातक है. महिला खुद को पिछले चार वर्षों से एक राजनीतिक दल की ऑल इंडिया सेक्रेटरी बताती है. इसके अलावा, उसने यह भी दावा किया है कि वह वर्ष 2023-24 में एक विदेशी एंबेसी में एक साल तक कंसल्टेंट के रूप में काम कर चुकी है, जहां उसे हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान किया जाता था.

मोबाइल फोन जब्त, संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच जारी

महिला ने यह भी दावा किया है कि उसने मेघालय स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में स्पोर्ट्स गाइड के तौर पर काम किया है और इसके लिए भी उसे भुगतान मिला. वर्तमान में वह विदेशी छात्रों, खासकर अफ्रीकी देशों के छात्रों को इस यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कंसल्टेंसी दे रही थी और प्रति छात्र फीस लेती थी.

पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर छह दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है. उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है और उसमें मौजूद डेटा की गहन जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि महिला से विस्तार से पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है. आरोपी महिला की गतिविधियों की हर एंगल से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वह किसी और के साथ मिलकर किसी आपराधिक या देश विरोधी गतिविधि में शामिल तो नहीं थी.

महिला ने पूछताछ में कबूल किया फर्जीवाड़ा

पुलिस ने इस मामले में अब तक जो सामान बरामद किया है, उसमें एक इनोवा कार, विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई कार, दो अतिरिक्त फर्जी नंबर प्लेट, एक मोबाइल फोन और इनोवा कार से जुड़े बिक्री दस्तावेज शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.

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