Rajasthan News: विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान रखने वाली स्वर्ण नगरी जैसलमेर में एक बार फिर यात्री कर वसूले जाने की तैयारी है। नगर परिषद जैसलमेर को शहरी क्षेत्र में बाहरी वाहनों से आने वाले पर्यटकों से यात्री कर लेने का अधिकार मिल गया है। स्वायत शासन विभाग ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 103 के तहत यह स्वीकृति प्रदान की है।

यात्री कर की वसूली के लिए नगर परिषद शहर के प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स पर नाके लगाएगी। अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग कर दरें तय की गई हैं। नगर परिषद का कहना है कि इस कर से प्राप्त होने वाली वार्षिक आय का उपयोग शहर के सौंदर्यकरण और विकास कार्यों में किया जाएगा।

गजट नोटिफिकेशन के बाद लागू होगा टैक्स

नगर परिषद जैसलमेर के आयुक्त लाजपाल सिंह सोढा ने बताया कि स्वायत शासन विभाग से यात्री कर की स्वीकृति मिल चुकी है। जैसे ही गजट नोटिफिकेशन जारी होगा, टैक्स की वसूली शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए बाड़मेर रोड और जोधपुर रोड पर दो टोल नाके बनाने की योजना है। कर वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी रहे, इसके लिए टोल का संचालन नगर परिषद स्वयं करेगी।

22 साल पहले बंद हुआ था यात्री कर

गौरतलब है कि जैसलमेर में वर्ष 2004 तक यात्री कर वसूला जाता था, जिसे करीब 22 साल पहले बंद कर दिया गया था। अब नगर परिषद ने इसे फिर से लागू करने का फैसला लिया है और इसके लिए विभागीय स्वीकृति भी मिल चुकी है।

वाहनों के अनुसार दरें तय

स्वायत शासन विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार 35 सीटर बस से 200 रुपये, 25 सीटर बस से 150 रुपये, पांच सीटर से बड़ी कार से 100 रुपये और लोकल टैक्सी पासिंग कार, जीप सहित अन्य कारों से 50 रुपये यात्री कर लिया जाएगा। सभी प्रकार के राजकीय वाहन, एंबुलेंस और स्थानीय निजी वाहनों को इस कर से छूट दी गई है।

नगर परिषद का मानना है कि जैसलमेर में लगातार बढ़ रहे पर्यटकों की संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यात्री कर से मिलने वाले राजस्व से पर्यटन स्थलों के रखरखाव, सफाई व्यवस्था और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सौंदर्यकरण से जुड़े कई काम भी किए जाएंगे।

पढ़ें ये खबरें