किशनगंज। पुलिस ने शहर में सक्रिय एक अंतर-राज्यीय जाली लॉटरी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। कसेरा पट्टी रोड स्थित वार्ड संख्या-05 में की गई सघन छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड मोहम्मद नसीम समेत कुल पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 16 लाख रुपये मूल्य की फर्जी लॉटरी टिकटें भी बरामद की गई हैं।

2.61 लाख से अधिक जाली कूपन बरामद

पुलिस छापेमारी के दौरान कुल 2 लाख 61 हजार 500 जाली लॉटरी कूपन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 16 लाख 7 हजार 500 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने लॉटरी बिक्री से जुड़े 23 हजार 894 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और 38 डायरियां भी जब्त की हैं। इन डायरियों में अवैध लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब दर्ज पाया गया है।

एसपी ने किया खुलासा

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह संगठित गिरोह बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में जाली लॉटरी छपवाकर किशनगंज और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

कानूनी कार्रवाई और सख्त संदेश

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद नसीम, मोहम्मद शाकीर आलम उर्फ मुजेबुर रहमान, अली खान, सूरज कुमार गौड़ उर्फ छोटू और कृष्णा महतो उर्फ सन्नी कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी सरल थाना क्षेत्र के निवासी हैं। बिहार में लॉटरी अधिनियम 1993 के तहत लॉटरी बिक्री प्रतिबंधित है। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि अवैध लॉटरी, जुआ और संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।